ये कैसी विपदा... मरीजों को नहीं मिल रही जीवनरक्षक दवाइयां

शहर में कोरोना से ऑक्सीजन की कमी वाले मरीज लगातार बढ़ते जा रहे है। उन्हें जीवनरक्षक दवाइयां देकर बचाया जा रहा है, लेकिन लगातार मरीजों की संख्या बढऩे से रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत हो गई है।

 

By: Abhishek Gupta

Published: 21 Apr 2021, 01:55 PM IST

कोटा. शहर में कोरोना से ऑक्सीजन की कमी वाले मरीज लगातार बढ़ते जा रहे है। उन्हें जीवनरक्षक दवाइयां देकर बचाया जा रहा है, लेकिन लगातार मरीजों की संख्या बढऩे से रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत हो गई है। कोविड अस्पताल में करीब पांच सौ मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं लग पाए है। मरीज इंजेक्शन का इंतजार कर रहे है। नए अस्पताल अधीक्षक डॉ. सीएस सुशील ने बताया कि बीते दिनों इंजेक्शन आए थे। वे सब खत्म हो चुके है। सरकारी सप्लाई में इंजेक्शन नहीं आ रहे है। ऐसे में मंगलवार को मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं लग पाए है। ड्रग विभाग के एडीसी प्रहलाद मीणा ने बताया कि बाजार में भी 298 रेमडेसिविर इंजेक्शन आज आए थे। वे मरीजों को लग चुके है। एडीसी ने बताया कि अब रेमडेसिविर इंजेक्शन निजी अस्पताल स्टॉकिस्ट व कम्पनी से सीधे सम्पर्क कर इंजेक्शन खरीद सकेंगे। गौरतलब है कि बीते 20 दिनों में कोरोना का संक्रमण ने काफी खतरनाक रुप धारण किया है। इससे मरीजों की संख्या हजारों में पहुंच गई। मरीजों की संख्या बढऩे से जीवनरक्षक दवाओं की कमी हो गई। वेन्टिलेटर पर भर्ती मरीजों को भी रेमडेसिविर नहीं लग पा रहे है। इससे उन्हें बचाया नहीं जा सक रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन को रोजाना गाड़ी जयपुर भेजकर रेमडेसिविर इंजेक्शन मंगवाने पड़ रहे है। ऐसे में कभी 100 तो कभी 500 इंजेक्शन ही आ पा रहे है। जबकि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी वाले 400 से अधिक मरीज भर्ती है। इसके अलावा होम आइसोलेट मरीज अलग से है। उन्हें डेकेयर सेंटर पर आकर इंजेक्शन लगवाना पड़ता है।

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