बराबर होगा मामला या फिर मिलेगी बढ़त!

अब तक चार भाजपा और तीन कांग्रेस के बने हैं पालिकाध्यक्ष

By: Anil Sharma

Published: 12 Nov 2020, 12:16 AM IST

रामगंजमंडी. प्रदेश में राजनैतिक पार्टी के चुनाव चिन्ह पर चुनाव होने की शुरुआत होने के बाद अब तक 34 साल की अवधि में सात बार पालिका चुनाव हुए। जिसमें चार भाजपा और कांग्रेस ने तीन पालिकाध्यक्ष बाने में सफलता हासिल की। वर्ष 2020 में होने वाले चुनाव में कांग्रेस चौथी बार अपना पालिकाध्यक्ष बनाकर बराबरी करेंगी या भाजपा बढ़त बनाएंगी। इसका फैसला 11 दिसबंर को होगा।
पालिका के चुनाव वर्ष 1951 में पालिका गठन के साथ प्रारंभ हुए थे। उस समय मोर्चा बनाकर चुनाव लड़ा जाता था। पहले बोर्ड से छठे बोर्ड तक यह सिलसिला चला। इसके बाद प्रशासक काल लागू हुआ। 20 फरवरी 82 में राजनैतिक स्तर पर पालिका के चुनाव लड़े जाने लगे।
रामगंजमंडी में राजनैतिक पार्टी स्तर पर वर्ष 1982 में पहला चुनाव हुआ जिसमें पालिकाध्यक्ष का कार्यकाल सरकार ने तीन साल तय किया था।
कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में स्व. मोहनसिंह एडवोकेट पहले पालिकाध्यक्ष बने। प्रदेश सरकार ने अंतिम समय में एक साल कार्यकाल बढ़ाकर चार साल किया, लेकिन तत्कालीन पालिकाध्यक्ष ने तीन साल की अवधि पूरी होने के बाद तत्कालीन पालिका उपाध्यक्ष सुरेश कुमार लूथरा को जिम्मेदारी सौंप दी। लूथरा ने एक साल की अवधि तक बतौर उपाध्यक्ष रहते पालिकाध्यक्ष का दायित्व संभाला था।

बदली परिपाटी
भाजपा सरकार ने कांग्रेस के सीधे चुनाव की परिपाटी को बदलते हुए निर्वाचित पार्षदों से पालिकाध्यक्ष का चुनाव कराने का नियम बनाया तो भाजपा ने बाजी मारी। भाजपा की हेमलता शर्मा पालिकाध्यक्ष निर्वाचित हुई। वर्ष 2015 से अगस्त 2020 तक उनका कार्यकाल रहा।

तैयारियों का दौर
11 दिसम्बर को 14वां बोर्ड बनेगा। राजनैतिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई है। किस राजनैतिक दल का पालिकाध्यक्ष निर्वाचित होगा। यह फिलहाल भविष्य के गर्भ में है। 11 दिसंबर को मतदान के बाद चुने जाने वाले पार्षदों का संख्या बल से इसका फैसला होगा।

आठवें बोर्ड पर भाजपा ने जमाया कब्जा
पालिका के 8वें बोर्ड पर भाजपा ने कब्जा किया। पालिकाध्यक्ष फूलचंद डांगी बने। वर्ष 1990 से 1995 तक कार्यकाल रहा। 9वें बोर्ड में कांग्रेस के हुकम बापना पालिकाध्यक्ष निर्वाचित हुए। 30 अगस्त 1995 से 27 अगस्त 2000 तक उनका कार्यकाल रहा। 10वें बोर्ड में भाजपा के समर्थन से निर्दलीय चुनाव जीती संतोष गुर्जर पालिकाध्यक्ष निर्वाचित हुई।

कांग्रेस ने कराया पालिकाध्यक्ष का चुनाव
वर्ष 2005 से 2010 के बीच में भाजपा से विजय गौत्तम पालिकाध्यक्ष बने। वर्ष 2010 में कांग्रेस सरकार ने पार्षदों से पालिकाध्यक्ष का निर्वाचन नहीं कराकर सीधे जनता से पालिकाध्यक्ष चुनने का फरमान निकाला। चुनाव कराए तो कांग्रेस के मनोज पटेल पालिकाध्यक्ष बने। जिनका कार्यकाल 26 अगस्त 2010 से 27 अगस्त 2015 तक रहा।

Anil Sharma Desk
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