मौसम विभाग का अलर्ट : इस कारण बढ़ी राजस्थान में सर्दी, अगले तीन दिन चलेगी शीतलहर

मावठ से चमकी सर्दी, अलाव बने सहारा
चना व सरसों के लिए बारिश अमृत

By: shailendra tiwari

Published: 26 Nov 2020, 07:04 PM IST

कोटा. पश्चिम विक्षोभ के कारण शहर में अचानक मौसम पलट गया। बीते दो दिन बुधवार व गुरुवार को मावठ गिरने से सर्दी चमक गई। बारिश के कारण गलन का असर बना हुआ है। सर्दी से बचाव के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। इससे पहले बीती रात तेज हवा चलने और बादलों की गर्जना के साथ बारिश हुई।

उससे रात को ही सर्दी बढ़ गई। सुबह बादल और धुंध छाई रही। दस बजे तक सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। दोपहर में 12 से 2 बजे के बीच कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश हुई। दोपहर 2 बजे बाद धूप खिली, लेकिन शाम को वापस बादल छा गए।

एयरपोर्ट स्थित मौसम केन्द्र के अनुसार, अधिकतम तापमान में 8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 27.7 व न्यूनतम तामपान 16.1 डिग्री सेल्सियस रहा। 2.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। हवा की रफ्तार 1 किमी प्रति घंटे की रही। विजिबिलिटी 1500 मीटर की रही। जबकि डडवाड़ा स्थित मौसम कार्यशाला के अनुसार, स्टेशन क्षेत्र का अधिकतम तापमान 19.8 व न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

फसलों को फायदा
शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में हुई बारिश रबी की फसल के लिए अमृत है। किसानों का कहना है कि अभी खेतों में गेहूं की फसल के लिए रेलने का काम चल रहा है। बारिश के कारण बुवाई के कार्य में खलल हो रहा है। इससे गेहूं उत्पादन पर असर पड़ेगा, जबकि सरसों व चने की फसल को पानी की जरूरत है। ऐसे में यह बारिश अमृत का काम करेगी। कृषि से जुड़े लोगों का कहना है कि जैसे ही मौसम साफ होगा, ओस गिरेगी, उससे खेतों को पानी मिलेगा।


अब शीतलहर के आसार
जयपुर मौसम केन्द्र के निदेशक आर.एस. शर्मा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य के कई इलाकों में बारिश हुई। शाम के बाद राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 27-28 नवंबर को कहीं-कहीं हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा छाने की संभावना है। 28-29-30 नवम्बर के दौरान राज्य के उत्तरी भागों में कहीं-कहीं शीतलहर चलने की संभावना है।

Show More
shailendra tiwari Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned