scriptYouth Day Special: Becoming helpful for others by forgetting one's own | युवा दिवस विशेष:खुद के दर्द भूलाकर औरों के लिए बनी मददगार | Patrika News

युवा दिवस विशेष:खुद के दर्द भूलाकर औरों के लिए बनी मददगार

अक्सर लोग हमेशा पहले खुद का दर्द देखते हैं, फिर दूसरों की चिंता करते हैं। कोटा की पूजा औदिच्य खुद का दर्द भूलाकर गैरों की मददगार बनी हुई है। वह मदद भी ऐसे लोगों की कर रही है, जो जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। 38 वर्षीय केशवपुरा निवासी पूजा को कैंसर हो गया था। अब उसी की तरह कैंसर पीडि़तों की मदद में जुट गई है।

 

कोटा

Updated: January 12, 2022 02:04:58 pm

कोटा. अक्सर लोग हमेशा पहले खुद का दर्द देखते हैं, फिर दूसरों की चिंता करते हैं। कोटा की पूजा औदिच्य खुद का दर्द भूलाकर गैरों की मददगार बनी हुई है। वह मदद भी ऐसे लोगों की कर रही है, जो जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। 38 वर्षीय केशवपुरा निवासी पूजा को कैंसर हो गया था। अब उसी की तरह कैंसर पीडि़तों की मदद में जुट गई है। पूजा को 13 साल पहले कैंसर हो गया था और परिवार के लोग सकते में आ गए। परिवार के मोटिवेशन से उसने मुम्बई टाटा मेमोरियल में इलाज करवाया। वहां विभिन्न स्थानों से आए कैंसर पीडि़तों का दर्द देखा तो उसके मन में मदद के भाव जाग उठे। उसने निश्चय कर लिया कि वह ठीक होने के बाद उसी की तरह रोग से पीडि़त लोगों की मदद करेगी। उसने अस्पताल की सारी प्रक्रिया को समझा और अब वह अन्य लोगों की मदद कर रही है।
युवा दिवस विशेष:खुद के दर्द भूलाकर औरों के लिए बनी मददगार
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इस तरह कर रही मदद
पूजा पीडि़तों को अच्छे डॉक्टर से परामर्श दिलवाना, रियायत दरों पर जांचें करवाना, खुद रोगियों को अस्पताल तक लेकर जाना, उनके लिए रहने-खाने की व्यवस्था करवाना समेत अन्य हरसंभव मदद करती है। कई बार तो वह एक-एक सप्ताह तक मरीजों के साथ रही है। अब मदद के लिए कई लोगों के पास पूजा के नम्बर है। पूजा एक कंपनी में कंसलटेंट का कार्य करती है।
बीमारी को हराकर जनता की कर रही सेवा

पूजा की तरह की सेवाभावी पार्षद सलीना शेरी भी है। उसने बचपन में जनसेवा के सपने संजोए थे। उसी लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ी और आज युवाओं के लिए एक मिसाल बन गई। किशोरपुरा निवासी 25 वर्षीय सलीना शेरी जब छह माह की थी तो वह थैलेसीमिया से पीडि़त हो गई। उसे महिने में तीन बार रक्त चढ़ता है, लेकिन उसके बावजूद वह सेवा से कभी पीछे नहीं हटी। स्कूली पढ़ाई के दौरान उसने यू-ट्यूब पर कोचिंग विद्यार्थियों पर जिंदगी अनमोल है मोटिवेशन फिल्म बनाई। फिर कॉलेज पहुंची तो शहर के सिविक सेंस को लेकर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई। 2019 में पार्षद के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 2020 में कोरोनाकाल में पुलिस के साथ मिलकर मास्क बांटना, जररूतमंदों को खाना लिखाना खूब कार्य किया। सलीना का कहना है कि जनता की सेवा को हमेशा तत्पर रहेगी।

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