आरटीआईके तहत सूचना नहीं दी तो 25 हजार रुपए का जुर्माना

कुचामनसिटी. 25 thousand rupees Penalty if not given information under RTI कुचामन नगरपालिका में एम्पावर्ड कमेटी की बैठकों में लिए गए निर्णय की जानकारी आरटीआई के तहत पार्षद को उपलब्ध नहीं करवाने के मामले में मुख्य सूचना आयुक्त ने नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इस पर नगरपालिका ईओ ने उच्च न्यायालय की शरण ली है।

By: Hemant Joshi

Published: 03 Jan 2020, 11:52 AM IST

25 thousand rupees Penalty if not given information under RTI पार्षद अहमद खान ने बताया कि नगरपालिका के समक्ष 31 दिसम्बरि 2018 को सूचना के अधिकार के तहत 27 दिसम्बर 2017 से 5 अक्टूबर 2018 तक आयोजित सभी एम्पावर्ड कमेटियों की बैठकों में लिए गए प्रस्ताव व प्रोसेडिंग की प्रति मांगी गई थी। लेकिन नगरपालिका की ओर से यह प्रतियां खान को उपलब्ध नहीं करवाई गई। इस पर खान ने द्वितीय अपील अधिकारी और इसके बाद राजस्थान सूचना आयोग से इसकी सूचना मांगी। आयोग के समक्ष नगरपालिका की ओर से नोटिस दिए जाने के बावजूद उपस्थिति नहीं होने पर सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी श्रवणराम चौधरी को दोषी मानते हुए 25 हजार रुपए का जुर्माना किया और यह राशि चौधरी के वेतन में से काटकर सूचना आयोग को भिजवाने के आदेश जारी किए है।


सभी निकायों को सूचनाएं सार्वजनिक करने के आदेश

25 thousand rupees Penalty if not given information under RTI कुचामन ईओ पर जुर्माना करने के साथ ही सूचना आयुक्त शर्मा ने स्वायत्त शासन विभाग को भी समस्त नगरीय निकायों की वैबसाइट्स को सक्रिय कर उनमें नियमित रुप से निकायों के बोर्ड/एम्पावर्ड कमेटी की बैठकों की कार्यवाही विवरणों को सार्वजनिक करना सुनिश्चित करने के आदेश दिए है। आदेश में यह भी बताया गया कि नगर निगम, नगरपालिका और परिषदें में बैठकों की कायवाही भी आरटीआई के तहत मांगी जाती है जबकि यह जानकारी लोकहित से जुड़ी है और यह सार्वजनिक की जानी आवश्यक है।

आदेश के बावजूद नहीं दी जानकारी

25 thousand rupees Penalty if not given information under RTI आयोग की ओर से यह आदेश 11 अक्टूबर 2019 को ही जारी कर दिए गए थे, इसके बाद भी नगरपालिका की ओर से पार्षद खान को एम्पावर्ड कमेटी की बैठकों की जानकारी मुहैया नहीं करवाई गई है। पार्षद खान ने पालिका पर सूचना आयोग के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगा रहे है। खान का कहना है कि नगरपालिका प्रशासन जानबूझकर एम्पावर्ड कमेटी की प्रोसेडिंग को छिपाना चाहते है और आयोग के आदेशों के बावजूद जानकारी नहीं दे रहे हैं।

कई सूचनाएं अब भी अटकी-

नगरपालिका की ओर से आरटीआई के तहत आमजन को सूचनाएं उपलब्ध नहीं करवाने मामला यह एक नहीं है। दर्जनों लोग नगरपालिका में जनहित से जुड़े मामलों में आरटीआई लगाते है लेकिन वहां से कोई सूचना नहीं मिलती। अधिकांश मामलों में प्रार्थी सूचना आयोग तक नहीं पहुंच पाता और मामला दबकर रह जाता है। अधिकांश लोकहित के मामलों में भी नगरपालिका की ओर से यह जवाब दिया जाता है कि यह सूचना नहीं दी जा सकती। जबकि सूचना आयोग की ओर से दिए गए आदेशों में भी यह अफसोस व्यक्त किया कि नगरपालिका मण्डल की आवश्यक सूचनाएं भी पार्षदों को नहीं दी जा रही है।
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इनका कहना-
नगरपालिका सूचना आयोग के आदेशों की पालना नहीं कर रही है। आदेश जारी हुए दो माह से अधिक समय बीत गया है। अब तक एम्पावर्ड कमेटी की प्रोसेडिंग नहीं दी गई है।
अहमद खान
पार्षद, नगरपालिका कुचामन।
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नगरपालिका के पक्ष को सूचना आयोग की ओर से सुना नहीं गया था, अब आयोग के इस आदेश की उच्च न्यायालय में अपील की गई है।
श्रवणराम चौधरी
अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका।

Hemant Joshi
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