आगे नहीं आए भामाशाह, सरकार की योजना कुचामन में ‘विफल’!

आगे नहीं आए भामाशाह, सरकार की योजना कुचामन में ‘विफल’!

Kamlesh Meena | Publish: Jul, 29 2018 10:59:41 AM (IST) Kuchaman City, Rajasthan, India

आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन में बढ़ानी थी सामुदायिक सहभागिता

कमलेश मीना
कुचामनसिटी. राज्य सरकार की नंद घर योजना कुचामन ब्लॉक में सिरे नहीं चढ़ पाई। इससे सामुदायिक सहभागिता से ब्लॉक के एक भी आंगनबाड़ी केन्द्र का संचालन नहीं हो पाया। विभाग के अनुसार कुचामन ब्लॉक में 280 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित है। इन आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के लिए समेकित बाल विकास सेवाएं के अन्तर्गत नंद घर योजना की शुरुआत की गई थी, लेकिन ब्लॉक में एक भी आंगनबाड़ी केन्द्र को गोद लेने के लिए भामाशाह आगे नहीं आया। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक योजना के माध्यम से आंगनबाड़ी केन्द्रों को आधुनिक बनाने के साथ सामुदायिक सहयोग सुनिश्चित करना था, जिसके तहत निजी दानदाता, सामाजिक ट्रस्ट, गैर सरकारी संगठन व कॉरपोरेट के तहत एक या इससे अधिक आंगनबाड़ी केन्द्रों को पांच वर्ष के लिए अडॉप्ट कर सकते थे। इस दौरान दानदाता आवश्यक अतिरिक्त फंडिंग इत्यादि कर सकते थे। गौरतलब है कि योजना के तहत गोद लिए गए आंगनबाड़ी केन्द्र में दानदाता, स्वयंसेवी संस्था, कॉरपोरेट उन गतिविधियों को पूर्ण करने में सहयोग कर सकते हैं, जो गतिविधियां विभाग की ओर से की जाती है। आंगनबाड़ी को आदर्श बनाने के लिए आवश्यक सुविधाएं भामाशाह उपलब्ध करवा सकते हैं। यदि किसी प्रकार का नवाचार करना हो तो उसको बाल विकास परियोजना अधिकारी की सहमति के पश्चात किया जा सकता है।

इनमें कर सकते हैं सहयोग
विभागीय सूत्रों के अनुसार भामाशाह आंगनबाड़ी केन्द्र पर शालापूर्व शिक्षा किट, खेलने के खिलौने, गुडिया घर, स्लाइडर, फिसल पट्टी, घोड़ा, बच्चों के टीशर्ट, हॉफ पेंट, नोट बुक, कॉपी पेंसिल, व्हाइट बोर्ड, ड्राइंग कॉपी, कलर्स में खर्च कर सकते हैं। इसके अलावा भामाशाह आंगनबाड़ी भवन का रखरखाव, मरम्मत, सफेदी, नए भवन का निर्माण, किचन से संबंधित सुविधाएं, टॉयलेट का निर्माण, भवन के आसपास किचन गार्डन व खेल मैदान का विकास तथा बाउंड्री निर्माण में सहयोग दे सकते हैं।

प्रवेशोत्सव के समय भी नहीं आया कोई
कुछ समय पहले आंगनबाड़ी केन्द्रों पर प्रवेशोत्सव कार्यक्रम चला, लेकिन इस दौरान भी किसी भी भामाशाह ने रुचि नहीं दिखाई। जबकि पिछली बार प्रवेशोत्सव के समय कुछ भामाशाहों ने बच्चों के लिए ड्रेस, नोटबुक, पेंसिल आदि उपलब्ध करवाई थी। हालांकि कुचामन में बड़े कॉरपोरेट नहीं है।

इनका कहना है
नंद घर योजना में बड़े भामाशाह ने रुचि नहीं दिखाई। इस बार प्रवेशोत्सव के दौरान भी कोई आगे नहीं आया। पिछले वर्ष प्रवेशोत्सव के दौरान शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवाने में कुछ भामाशाह आगे आए थे। विभाग की इस योजना के तहत भामाशाह आगे आकर आंगनबाड़ी केन्द्र पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सहयोग कर सकते हैं।
- शक्ति सिंह, सीडीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग, कुचामनसिटी

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