प्यासों की आवाज भी नहीं सुन रहा राज

प्यासों की आवाज भी नहीं सुन रहा राज

Kamlesh Meena | Publish: Apr, 12 2018 04:20:15 PM (IST) Kuchaman City, Rajasthan, India

माकपा ने शुरू किया जल के लिए जंग कार्यक्रम, पहले निकाली रैली, सभा आयोजन के बाद जलदाय विभाग अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी, राजस्थान पत्रिका ने प्रमुखता

कुचामनसिटी. पेयजल किल्लत से परेशान लोगों का सब्र अब टूट रहा है। माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने बुधवार से जल के लिए जंग आन्दोलन शुरू कर दिया है। आन्दोलन की शुरुआत शहर के गुलजारपुरा मोहल्ले स्थित किसान भवन से की गई। जहां पर किसान नेताओं ने बैठक का आयोजन करने के बाद रैली निकाली। रैली में शामिल लोग पेयजल किल्लत दूर करो सहित सरकार विरोधी नारे लगाते हुए शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए डीडवाना रोड स्थित शिव मंदिर परिसर पहुंचे। जहां पर किसान नेताओं ने उपस्थितों को संबोधित करते हुए दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों पर जमकर निशाना साधा। पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों की परेशानी को बताते हुए संभावित पेयजल किल्लत से होने वाली स्थितियों व लोगों में बढ़ रहे आक्रोश के बारे में बताया। माकपा राज्य सचिव व अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमराराम चौधरी, किसान सभा तहसील अध्यक्ष जीवणराम शेषमा, हुडील सरपंच व अखिल भारतीय किसान सभा के तहसील सचिव कानाराम हुडील, माकपा जिला सचिव भागीरथराम यादव, दलित शोषित मुक्ति मंच के जिलाध्यक्ष खींवकरण डबरिया, किसान सभा तहसील उपाध्यक्ष रेखाराम बडक़ेसिया, माकपा तहसील सचिव अब्बास खान, नारायणराम दहिया ने उपस्थितों को संबोधित किया।

राजस्थान पत्रिका का जताया आभार
माकपा राज्य सचिव व अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमराराम चौधरी ने पत्रिका का आभार जताते हुए कहा कि पत्रिका की ओर से अभियान के रुप में लगातार खबरें प्रकाशित की जा रही है। अमराराम ने कहा कि पानी सबसे पहली जरूरत है और वर्तमान में उसी पानी की कमी से लोग त्राही-त्राही कर रहे हंै। समस्या का समाधान हो इसके लिए माकपा व किसान सभा ने अनिश्चितकालीन आन्दोलन शुरू कर दिया है। अमराराम ने आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान सरकार पेयजल योजनाओं के माध्यम से घोटाले कर रही है। कोई भी योजना समस्या से निजात नहीं दिला पा रही है।

दोनों ही दल कर रहे जनता का शोषण
डीडवाना रोड स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने दोनों राजनीतिक दलों पर जमकर निशाना साधा। वक्ताओं ने कहा कि दोनों ही दल जनता का शोषण कर रहे हैं। अधिकारी भी काम करने के स्थान पर नेताओं की जी-हुजूरी में लगे हैं। किसान सभा तहसील अध्यक्ष जीवणराम शेषमा ने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए आने वाला समय संघर्ष भरा नजर आता है।

कागजी खानापूर्ति से चला रहे काम
माकपा तहसील सचिव अब्बास खान ने कहा कि जितना पानी प्रति व्यक्ति चाहिए उसके स्थान पर एक चौथाई पानी भी जलदाय विभाग नहीं दे रहा है। जलदाय विभाग की ओर से प्रति व्यक्ति 10 लीटर पानी देने की बात भी कागजी खानापूर्ति है।

स्वास्थ्य हो रहा प्रभावित
नारायणराम दहिया ने कहा कि चिकित्सकों के अनुसार गर्मी के मौसम में प्रत्येक व्यक्ति को 16 लीटर पानी रोजाना पीना चाहिए, जो कि मिल नहीं रहा। खींवकरण डबरिया ने कहा कि पिछले वर्षों से खारे पानी की समस्या चल रही है। फ्लोराइडयुक्त पानी का उपयोग करने से बाल झडऩे लगे हंै, त्वचा संबंधी बीमारियां भी होने लगी है। अधिकारियों को जब बताते हैं तो कहते हैं कनेक्शन कटा लो। किसान नेताओं ने कहा कि इण्डाली वाली योजना भी कागजों तक सिमट कर रह गर्इ है।

अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी
सभा के बाद किसान नेताओं का प्रतिनिधि मंडल जलदाय विभाग कार्यालय पहुंचा। जहां पर मौजूद मकराना जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता रामलाल मीना व कुचामन सहायक अभियंता ऋषिकुमार शर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए प्रति परिवार 5 सौ लीटर पेयजल प्रतिदिन देने, जल उपभोग के अनुसार बिल जारी करने, पशुओं के लिए खेळी बनाने की मांग की गई। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों को राहत देने के लिए गुरुवार से 55 टैंकर प्रतिदिन जलापूर्ति करेंगे। आगामी दिनों में टैंकरों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।

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