इस बार 18 दिन बाद शुरू होगा सावन माह

इस बार 18 दिन बाद शुरू होगा सावन माह

Kamlesh Meena | Publish: Jul, 08 2018 12:58:20 PM (IST) Kuchaman City, Rajasthan, India

अधिकमास के चलते व्रत व त्योहार भी होंगे ज्यादा

कुचामनसिटी. प्रकृति की अनुकम छटा बिखरने वाले व भगवान शिव को प्रिय सावन मास की शुरुआत इस बार 18 दिन बाद होगी। अधिकमास के चलते इस बार देरी से शुरू होने वाला सावन 28 जुलाई से शुरू होगा, जिसमें चार सावन सोमवार रहेंगे। इस दौरान शहर सहित ग्रामीण अंचलवासी प्रकृति का लुत्फ लेने के साथ ही भोलेनाथ की आराधना में लीन नजर आएंगे। जानकारों के मुताबिक तिथियों की घटत-बढ़त के कारण बढ़े हुए एक माह का समायोजन अधिकमास के रूप में किया जाता है। ऐसे में अधिकमास के बाद आने वाले सभी व्रत-त्योहार गत वर्ष की अपेक्षा में कुछ दिन बाद आएंगे। आसपुरा के पं. गोपाल शर्मा ने बताया कि अधिकमास के कारण इस बार सावन मास भी 18 दिन बाद 28 जुलाई से शुरू होगा। जबकि गत वर्ष सावन मास 10 जुलाई से शुरू हो गया था। वही गत वर्ष 7 अगस्त को सावन मास पूर्ण होने पर 29 दिन का सावन मास रहा था, जबकि इस बार सावन मास पूरे 30 दिन का रहेगा।

त्योहारों से भरपूर होगा माह
शर्मा ने बताया कि इस बार सावन माह त्योहारों से भरपूर माह होगा। सावन मास 26 अगस्त को पूर्ण स्नानदान पूर्णिमा के साथ सम्पन्न होगा। इस बार 26 अगस्त को ही रक्षाबंधन का त्योहार है। इस कारण दोनों पर्व एक ही दिन रहने पर काफी चहल-पहल रहेगी। इसका मुख्य कारण यह भी है कि इस दिन रविवार भी होगा, जिसके कारण त्योहारों की महत्ता ओर भी ज्यादा बढ़ जाएगी। इस बार पहला सावन का सोमवार 30 जुलाई को, दूसरा 6 अगस्त, तीसरा 13 अगस्त व चौथा 20 अगस्त हो होगा। इन चारों सोमवारों में शिवालयों में जमकर श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आएगी। अगस्त माह में ही 11 अगस्त को हरियाली अमावस की धूम रहेगी। हरियाली अमावस भी शनिवार को है जिसके कारण शनि मन्दिरों में भी अपार भक्तों की भीड़ रहेगी। पं. शर्मा ने बताया कि 14 अगस्त को सावन की तीज का पर्व होगा। इस दिन कुंवारी, नवविवाहिता व विवाहित महिलाओं में उत्साह रहेगा। कुंवारी कन्याओं के लिए यह दिन सिंजारा के नाम होगा, वही नवविवाहिताओं के लिए पहला सावन होने के चलते यह दिन अपने पीहर में ही मनाने की उत्सुकता रहेगी। 15 अगस्त के दिन ही स्वतन्त्रता दिवस व नागपंचमी है, जिससे इस दिन भी काफी उत्साह रहेगा।

इनका कहना है
अधिकमास के बाद आने वाले सभी व्रत व त्योहारों में बढ़ोतरी हुई है। इस कारण सावन मास भी इस बार १८ दिन बाद से शुरू हो रहा है। इस मास में शिव-पार्वती की अराधना करने से विशेष फल मिलता है। यह मास पूर्ण रूप से हरियाली व प्राकृतिक सौंदर्य से पूर्ण रहता है। इसलिए इस मास में आने वाले सभी त्योहारों के प्रति सभी का उत्साह बना रहता है।
- गोपाल शर्मा, ज्योतिषविद्, आसपुरा

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