बाढ़ से बचाने के लिए शुरू हुई 15 परियोजनाएं अभी भी अधूरी

 बाढ़ से बचाने के लिए शुरू हुई 15 परियोजनाएं अभी भी अधूरी

बड़ी गंडक की चेतावनी का अभियंताओं पर असर नहीं, डीएम ने बाढ़ खंड के इंजीनियरों से 15 दिन में सभी परियोजनाओं को पूरा करने को कहा

अवधेश मल्ल
कुशीनगर. बड़ी गंडक चेतावनी बिंदु को पार कर बाढ़ के संभाव़ित खतरे की घंटी बजा चुकी है, इसके बावजूद भी हाई ले़वल कमेटी द्वारा सुझाई गई 33 में से 15 परियोजनाएं अभी भी अधूरी है। बाढ़ खंड के अभियंताओं की धीमी गति को देखकर जिलाधिकारी कुशीनगर ने नाराजगी जाहिर की है। डीएम ने बाढ़ खंड के इंजीनियरों से 15 दिन में सभी परियोजनाओं को पूरा करने को कहा है, यही नहीं उन्होंने अभियंताओं की 9 टीमें गठित कर फ्लड फाईटिंग के लिए कराये जा रहे कार्यों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि कुशीनगर जनपद की तीन बड़ी समस्याओं में से एक बड़ी गंडक नदी भी मानी जाती है। बाढ़ से हर साल जिले में भारी नुकसान होता है। इस मानसून सत्र में बड़ी गंडक के कहर से लोगों को बचाने के लिए हाई लेवल कमेटी की अनुशंसा पर बाढ़ खंड ने 33 परियोजनाओं पर कार्य शुरू कराया। डीएम के सख्त तेवर व विधायक तमकुहीराज के धरने के बावजूद इन परियोजनाओं की स्थिति यह है कि 33 में से 15 परियोजनाएं आज भी अधूरी हैं जबकि बड़ी गंडक नदी दो दिन पहले ही चेतावनी बिंदु को पार कर चुकी है।





बाढ़ खंड के अभियंताओं की लेटलतीफी को देखते हुए डीएम आंद्रा वामसी ने जिले के अभियंताओं की 9 टीमें गठित कर अलग- अलग बांधों पर की जिम्मेदारी सौंप दी है और उन्हें रिपोर्ट देने को कहा है। यही नहीं वह स्वयं बांधों का दौरा कर अभियंताओ की रिपोर्ट व बाढ़ से बचाव के लिए कराए जा रहे कार्यों का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। उन्होंने अधूरी 15 परियोजनाओं को 15 दिन में पूरा करने का भी निर्देश बाढ़ खंड के अभियंताओं को दिए हैं।
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