सत्ताधारी दल के विधायकों से डीएम बोले, यह आपका सदन नहीं!

सत्ताधारी दल के विधायकों से डीएम बोले, यह आपका सदन नहीं!
Cm yogi Adityanath

Dheerendra Vikramadittya | Updated: 25 Aug 2019, 07:07:07 AM (IST) Gorakhpur, Gorakhpur, Uttar Pradesh, India

  • कुशीनगर में जनप्रतिनिधियों से डीएम की बैैैठक का एक दिन है तय

कुशीनगर में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की समन्वय बैठक में सत्ताधारी दल के विधायक व डीएम के बीच नोकझोक की सूचना है। विधायक द्वारा एक मामला को उठाने पर डीएम ने जनप्रतिनिधि की हद तय करते हुए कहा कि आप अपने विधानसभा क्षेत्र का ही मामला उठा सकते हैं। जनप्रतिनिधि से इस तरह की बात करने पर सत्ताधारी दल के विधायक बैैठक से बाहर निकल आए। (BJP MLA boycotted meeting arranged with DM KUSHINAGAR)। उधर, डीएम अनिल कुमार सिंह के अनुसार वह केवल बैठक के उद्देश्यों को बता रहे थे क्योंकि एक जनप्रतिनिधि केवल आरोप-प्रत्यारोप में लगे थे।
दरअसल, कुशीनगर में भूख-कुपोषण-बीमारी से मुसहरों की मौत का मामला सामने आया है। फाजिलनगर के दुदही क्षेत्र में पांच मुसहरों की मौत हो चुकी है। शनिवार को डीएम और विधायकों की एक बैैठक थी जिसमें जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्याओं को बताकर उसका निवारण करवा सकें।

बैठक में खड्डा क्षेत्र के भाजपा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने मुसहरों की मौत का मुद्दा उठाया। बताया जा रहा है कि इस पर डीएम ने टोकते हुए उनको केवल अपने क्षेत्र के मुद्दे उठाने की सलाह दी। इस पर विधायक त्रिपाठी ने कहा कि वह जनप्रतिनिधि हैं और जनहित से जुड़े किसी भी मुद्दे को उठा सकते हैं। उनके क्षेत्र में भी मुसहर आबादी है। अगर ऐसी लापरवाही चलती रही तो उनके क्षेत्र में भी स्थितियां ऐसी हो सकती हैं।
आरोप है कि विधायक से डीएम ने यह भी कहा कि यह आपका विधानसभा नहीं है। आप चाहे तो इस मुद्दे को विधानसभा में उठा सकते हैं। यह आपका सदन नहीं है, यहां केवल विकास कार्याें पर चर्चा कीजिए।
विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि इसके बाद वह वहां से चले गए। उन्होंने बताया कि वह मुसहरों की मौत की उच्चस्तरीय जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे ताकि दोषियों पर कार्रवार्इ हो सके।
उधर, इसी तरह क्षेत्र के किसी मुद्दे पर हाटा से भाजपा विधायक पवन केडिया से भी डीएम से बहस हो गई। बताया जा रहा है कि विधायक पवन केडिया को भी उसी लहजे में बात की।
जिलाधिकारी के इस बर्ताव के बाद बैठक में मौजूद विधायक पवन केडिया, सांसद विजय दुबे के प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद अजय गोविंद राव शिशु, विधायक गंगा सिंह कुशवाहा के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद रामवृक्ष गिरी भी बैठक से बाहर आ गए।

 

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