लाव-लश्कर के साथ कांग्रेस प्रत्याशी ने दाखिल किया नामांकन, लेकिन अंत में हुआ कुछ ऐसा

2009 के लोकसभा चुनाव में हाथ को मजबूत करने वाले तत्कालीन सांसद जफर अली नकवी पर लगातार तीसरी बार भरोसा जताते हुए कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

By: Abhishek Gupta

Updated: 04 Apr 2019, 10:14 PM IST

Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

लखीमपुर-खीरी. 2009 के लोकसभा चुनाव में हाथ को मजबूत करने वाले तत्कालीन सांसद जफर अली नकवी पर लगातार तीसरी बार भरोसा जताते हुए कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। जिसके बाद बृहस्पतिवार को पूर्व सांसद एवं कांग्रेस प्रत्यााशी ने लाव-लश्कर के साथ अपना नामांकन दाखिल किया।

दाखिल किए गए हलफनामे में कांग्रेस प्रत्याशी ने अपनी सम्पत्ति का हवाला दिया। हलफनामे के मुताबिक उन्होंने वित्तीय वर्ष 2014-15 में 6 लाख 71 हजार 759, 2015-16 में 5 लाख छह हजार 360, 2016-17 में 4 लाख 89 हजार 850, 2017-18 में 6 लाख 54 हजार 570 तथा वित्तीय वर्ष 2018-19 में 8 लाख 55 हजार 300 रुपए की आय बताई है। आपराधिक मामलों में उन पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। उनके पास एक लाख दस हजार तथा उनकी पत्नी के पास 50 हजार की नकदी है। जफर अली नकवी के एसबीआई पार्लियामेंट खाते में 88 हजार 236 तथा पीएनबी लखनऊ के खाते में 37 हजार 352 रुपए जमा हैं। उनकी पत्नी के डीसीबी लखीमपुर के खाते में 44 हजार 520 रुपए, इलाहाबाद बैंक लखनऊ में 48 हजार 870 रुपए जमा हैं।

कांग्रेस प्रत्याशी के नाम इनोवा क्रेस्टा माडल 2017 कार है, जिसकी कीमत 12 लाख 19 हजार 568 रुपए है। इसके अलावा उनके पास 25 हजार रुपए की कीमत वाली बंदूक व 60 हजार रुपए कीमती रिवाल्वर है। पत्नी के पास 200 ग्राम सोना व पांच सौ ग्राम की चांदी है, जिसकी कीमत 6 लाख 70 हजार रुपए है। नकवी के नाम 1.36 एकड़ जिसकी कीमत 13 लाख 18 हजार रुपए तथा उनकी पत्नी के नाम आधे एकड़ से ज्यादा जिसकी कीमत 16 लाख 62 हजार रुपए है। ईदगाह में स्थित पुश्तैनी मकान का पांचवां भाग उनके नाम है जिसकी कीमत 36 लाख तीन हजार रुपए है। देयकों के मामले में कांग्रेस प्रत्याशी पर इलाहाबाद बैंक लखनऊ में 10 लाख 61 हजार 456 रुपए का ऋण बकाया है।

अपने ही प्रत्याशी के रौंद डाले पम्पलेट-
नामांकन कराने कांग्रेस प्रत्याशी लाव-लश्कर के साथ निकले थे। पिछले समर्थक हाथ में झंडे और उनके फोटो लगे पम्पलेट लिए चल रहे थे। हीरालाल धर्मशाला चौराहे के पास किसी समर्थक के हाथ से पम्पलेट जमीन पर गिर गए। पर उन्हें उठाने की बजाए समर्थक उन्हें पैरों तले रौंदते हुए निकल गए।

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