अब कर्नाटक के हाथियों से गुलजार होगा दुधवा, मिला बड़ा तोहफा

अब कर्नाटक के हाथियों से गुलजार होगा दुधवा, मिला बड़ा तोहफा

Akanksha Singh | Publish: Apr, 17 2018 10:32:33 AM (IST) | Updated: Apr, 17 2018 10:34:49 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

दुधवा टाइगर रिजर्व बदलाव और नई उपलब्धियों के दौर से गुजर रहा है।

लखीमपुर खीरी. दुधवा टाइगर रिजर्व बदलाव और नई उपलब्धियों के दौर से गुजर रहा है। हाल ही में यहां सालों की मेहनत और प्रतीक्षा के बाद गैंडा पुनर्वास योजना का फेज-2 प्रारंभ किया गया था। इस सत्र में पहली बार दुधवा में हाथियों की गणना का काम खत्म हुआ। हालांकि उसके आंकड़े आने अभी शेष है। अब इसी कड़ी में दुधवा टाइगर रिजर्व कर्नाटक से आने वाले हाथीयों के लिए तैयार है। फिलहाल दुधवा के महावत कर्नाटक के हाथियों की भाषा उनके भाव समझने में जुटे हैं। दरअसल करीब 80 वर्ग किलोमीटर के विशालकाय एरिया में फैला दुधवा टाइगर रिजर्व में फालतू हाथियों का विशेष महत्व है। हाथियों का प्रयोग ना सिर्फ सैलानियों का भ्रमण करने में किया जाता है। बल्कि बारिश के सीजन में या फिर सामान्य दिने में इन हाथों से पेट्रोलिंग व गेंडो की मानिटरिंग का मुश्किल काम भी किया जाता है। इतना ही नहीं दुधवा के हाथी तो इतने विख्यात है। कि अक्सर गेडो को ट्रकूलइज करने में भी काफी मदत करते है। समय के साथ बूढ़े हो रहे हाथियों को लेकर चिंता बनी रहती है। इसके तहत बाहर से हाथी लाने की रणनीति बनाई जा रही है। और कर्नाटक सरकार से बातचीत करके वहां से 11 हाथियों को यहां लाने की अनुमति प्राप्त कर ली गई है। इसी सत्र में कर्नाटक से हाथियों को दुधवा लेन की प्रक्रिया पूरी हो गई है।

 

हालांकि यह मुश्किल काम था। जिसका जिम्मा सीधे तौर पर दुधवा डिप्टी डायरेक्टर ने अपने हाथों लिया था। और कई बैठकों में और कर्नाटक के दौरे के बाद यह तय हुआ कि कुल 10 हाथी ही कर्नाटक से यहाँ लाये जायेगे। एक हाथी को यहां की टीम ने अनफिट कर दिया है। पूरे देश में कर्नाटक ऐसा इलाका है। जहां अधिक संख्या में हाथी मिलते हैं। उसी तरह दुधवा में भी हाथियों की मौजूदगी का दयारा बढ़ाने की रणनीति बनाई जा रही है। हाथियों को कर्नाटक से दुधवा की सरजमीं पर जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जिसमे ट्रांसपोटेशन का जिम्मा पयर्टन विभाग के ऊपर है। यही नही दुधवा के महावत की एक टीम कर्नाटक में इन हाथियों के साथ बिता रहे हैं। फिलहाल 10 हाथियों का ही चयन हुआ है। जिसमें 2 मेल और 8 फीमेल है। इन हाथियों के साथ महावत काफी समय बिता रहे हैं। साथ ही ट्रेनिंग भी ले रहे हैं। और उनकी भाषा और भाव को समझने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि इन हाथियों को कर्नाटक से सीधे दुधवा नहीं लाया जाएगा। बल्कि इन्हें मैलानी जंगल में एक स्थान पर कुछ समय के लिए रखा जाएगा। बाद में सब कुछ ठीक रहने पर इन्हें दुधवा में शिफ्ट कर दिया जायेगा।


कर्नाटक से आने वाले हाथियों के संबंध में डिप्टी डायरेक्टर दुधवा टाइगर रिजर्व महावीर कॉजलगी ने बताया कि कर्नाटक के हाथी दुधवा आ जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी। हम काफी आगे की सोच रहे हैं। फिलहाल हाथियों का दुधवा आना ही बड़ी बात है। यहां के महावत उनके हाव-भाव सीखने में लगे हैं। ताकि जब हाथी दुधवा आए तो उन्हें संभालने की दिक्कतें सामने आए।

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