स्कूल की इस छात्रा ने ईमानदारी कि पेश की ऐसी मिसाल कि हर जगह हो रही तारीफ

तालियों की गड़गड़ाहट के बीच छात्रा हुई सम्मानित.

By: Abhishek Gupta

Published: 07 Feb 2018, 09:06 PM IST

लखीमपुर खीरी. परिवार के संस्कार और ईमानदारी की मिसाल लखीमपुर में उस समय देखने को मिली जब शहर के कान्वेंट स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा को रुपयों से भरी हुई पर्स सड़क पर गिरी हुई मिली। छात्रा ने उसे असली मालिक तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया। छात्रा की मेहनत रंग लाई और असली मालिक को उसका पर्स वापस लौटाया जा सका। इस बात की जानकारी मिलने के बाद एसपी सहित स्कूल के प्रधानाचार्य ने छात्रा की जमकर तारीफ तो की ही, साथ ही सभी ने छात्रा और उसके परिवार को सम्मानित करने का निर्णय भी लिया, जिससे वह समाज के अन्य वर्गों में इस माहौल में एक प्रेरणा स्रोत बन सके।

जानकारी के अनुसार शहर के मोहल्ला बहादुर नगर निवासी भूपेंद्र कुमार सिन्हा के सुपुत्र शिवम सिन्हा अपने किसी काम से स्थानीय बाजार जा रहे थे कि अचानक उनका वॉलेट कहीं रास्ते में गिर गया। पर्स गिर जाने के बाद शिवम सिन्हा काफी परेशान हो गए थे क्योंकि उसमें हजारों रुपये रखे हुए थे जिन्हें अगले ही दिन बैंक में जमा कराना था। शिवम कड़ी मेहनत के बाद बमुश्किल महीने में ₹8000 ही कमा पाते हैं और उनके ऊपर काफ़ी जिम्मेदारियां भी हैं।

उक्त पर्स लखनऊ पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा परख वर्मा पुत्री आदर्श कुमार वर्मा निवासी अलीगंज गोला को मिला। बताते है जिस समय पर्स गिरा उसी समय वह भी उसी रास्ते से अपने परिवार के साथ गुजर रही थी। छात्रा परख ने उस पर्स को उठाते हुए अपने पिता को देते हुए यह कहा कि पापा इस वालेट को असली मालिक तक पहुंचाने में उसकी मदद करें। पता नहीं किस जरूरतमंद इंसान का यह पर्स हो जिससे वह अपना घर परिवार चलाता हो। बिटिया की इच्छानुसार पिता ने अपने मिलने वाले श्याम जी अग्निहोत्री को पर्स सौंप दिया और कहा कि इस पर्स को उसके असली मालिक के पास किसी भी हाल में जरूर पहुंचा दें।

इसे इत्तेफाक कहेंगे या छात्रा की इमानदारी, कि अगले ही दिन उसके असली मालिक का पता चल गया। छात्रा की ईमानदारी और बिना किसी लालच के लिया गया निर्णय सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। छात्रा परख का कहना था कि जिस पर्स पर उसकी नजर पड़ी थी उसको उठाने के लिए कई लोग और भी दौड़े थे, लेकिन पर्स किसी गलत हाथ में ना जाए, इसको लेकर छात्रा ने पहले पर्स उठा लिया और किसी भी हाल में सही व्यक्ति को चुनें बिना उस भीड़ में किसी को पर्स ना देने का निर्णय लिया।

छात्रा द्वारा दिखाई गई ईमानदारी की पुलिस कप्तान डॉ एस चन्नपा ने जमकर तारीफ करते हुए उसकी प्रशंसा की। साथ ही छात्रा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपने अधीनस्थ अधिकारी सदर इंस्पेक्टर अशोक कुमार पांडे को स्कूल भेजते हुए छात्रा को सम्मानित करने का आदेश जारी किया।

छात्रा की ईमानदारी को प्रोत्साहित करने के लिए स्थानीय लखनऊ पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य अरविंद वर्मा ने एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। साथ ही उन सभी बच्चों को छात्रा की ईमानदारी के बारे में जानकारी देते हुए इसी राह पर चलने की बात कही। मुख्य अतिथि की भूमिका निभाते हुए कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार पांडे ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि वह भी अच्छे कार्य करते हुए ईमानदारी और सच्चाई की मिसाल पेश करें, जिससे समाज में एक अच्छा संदेश जाए। उन्होंने कहा कि बुरा करने वालों के साथ भगवान भी बुरा ही करता है जबकि अच्छाई करने वाले लोगों के साथ सदैव ईश्वर अच्छा करता ही है। समाज भी उसे अच्छी निगाह से हमेशा से देखता और तरजीह देता आया है।

विद्यालय परिसर में आयोजित हुए इस कार्यक्रम से पहले आए हुए अतिथियों का प्रधानाचार्य अरविंद वर्मा ने सम्मान करते हुए उन्हें शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट किये। कुल मिलाकर बिटिया परख कि इस ईमानदारी की चर्चा चारों ओर चल रही है। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद वर्मा के साथ शहर कोतवाल अशोक कुमार पांडे व्यापारी श्याम जी अग्निहोत्री सहित विद्यालय स्टाफ व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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