नेपाल की झील में दरारें, शारदा नदी में उफान का खतरा, 50 से अधिक गांव अलर्ट मोड पर

शासन-प्रशासन सतर्क, लखीमपुर के जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह बोले- चिंता की कोई बात नहीं

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखीमपुर खीरी. उत्तराखंड त्रासदी के जख्म अभी भरे भी नहीं है। राहत कार्य चल रहा है। अचानक, एक नई मुसीबत की आहट ने डरा दिया है। नेपाल की झील में दरार आने से प्रदेश की शारदा नहर में उफान आ सकता है। इसे देखते हुए लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में शारदा नदी के किनारे स्थित 50 से अधिक गांवों के निवासियों को सतर्क कर दिया गया है। साथ ही, अपर जिला अधिकारी सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, बाढ़ से जुड़े अधिकारी और सभी खंड विकास अधिकारियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। हालांकि, लखीमपुर खीरी के अधिकारियों का कहना है कि चिंता की कोई बात नहीं है। जिला प्रशासन लगातार जल स्तर पर नजर बनाये है। जरूरत पड़ने पर गांवों को खाली कराया जा सकता है।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ की सीमा से लगने वाले नेपाल के दार्चूला में स्थित महाकाली नदी पर बनी झील में दरार आ गई है। इस बाबत नेपाल के कंचनपुर जिले के अधिकारियों की ओर से लखीमपुर के अफसरों को एक अलर्ट भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि धारचूला में नदी के पास स्थित झील के चारों ओर का कॉन्क्रीट कमजोर पड़ गया है जिस पर अभी मरम्मत का काम चल रहा है। इसकी वजह से नेपाल में महाकाली के नाम से जानी जाने वाली शारदा नदी में उफान आने की भी संभावना है।

लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह ने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है। हम लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं और बैराज के अधिकारियों के संपर्क में हैं। फिलहाल तक तो किसी बड़ी लीक के होने की संभावना नहीं है। किसी भी प्रतिकूल मामले की स्थिति में हमारे पास गांवों को खाली कराने के लिए पर्याप्त समय है।

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Hariom Dwivedi
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