बिगड़ैल बाघों को काबू करेंगे कर्नाटक के हाथी, हाथियों से होगी दुधवा पार्क की पेट्रोलिंग

बिगड़ैल बाघों को काबू करेंगे कर्नाटक के हाथी, हाथियों से होगी दुधवा पार्क की पेट्रोलिंग
बिगड़ैल बाघों को काबू करेंगे कर्नाटक के हाथी, हाथियों से होगी दुधवा पार्क की पेट्रोलिंग

Karishma Lalwani | Updated: 14 Sep 2019, 11:02:38 AM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- बिगड़ैल बाघों को कंट्रोल करेंगे कर्नाटक के हाथी

- सभी हाथियों की होगी पेट्रोलिंग

- बाघों से निपटने के लिए पार्क प्रशासन ने लिया फैसला

लखीमपुर खीरी. खीरी के दुधवा पार्क में अक्सर बिगड़ैल बाघों को नियंत्रित करने में अधिकारियों के पसीने छूट जाते हैं। कारण है संसाधनों का अभाव और प्रशिक्षित हाथियों की कमी। बिगड़ैल बाघों से निपटने के लिए दुधवा प्रशासन कर्नाटक से लाए गए हाथियों को ट्रेंड कर रहा। हाल ही में पार्क के हाथियों का मेडिकल चेकअप किया गया जिसमें सभी हाथी पूरी तरह से स्वस्थ पाए गए। मौजूदा समय में इन हाथियों को दुधवा के गैंडा परिक्षेत्र में मॉनिटरिंग के लिए लाया गया है। इन हाथियों की पेट्रोलिंग की जाएगी व इन्हें ट्रेन कर मोर्चे पर लगाया जाएगा।

दुधवा प्रशासन ने उम्रदराज हाथियों को आराम कराने का मन बनाया है। कर्नाटक से लाए हाथियों को बाघ से निपटने के लिए ट्रेंड किया जाएगा। दुधवा पार्क में पहले 13 प्रशिक्षित हाथी थे। बाद में 12 हाथियों को दुधवा लाया गया। कर्नाटक के हाथियों को भीरा के बेस कैंप में रखकर उन्हें तराई की आबोहवा में ढाला गया। इस समय 23 हाथी दुधवा और दो हाथी कर्तनिया घाट में रखे गए हैं।

बाघ के आक्रमण से पार्क प्रशासन परेशान

पिछले कुछ सालों में बाघ के आक्रमण ने पार्क प्रशासन की नाक में दम कर रखा है। 2009 में भीरा रेंज के महाराजनगर में बाघ ने सात लोगों की जान ले ली। 2016 में मैलानी के छेदीपुर में बाघ ने एक-एक कर खेत पर काम कर रहे पांच ग्रामीणों को मार डाला था। 2017 में महेशपुर रेंज के देवीपुर, अयोध्यापुर, सुंदरपुर आदि गांवों में बाघ ने चार इंसानी जानों को निवाला बना लिया। वन विभाग की ओर ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए गांवों में मानव-वन्यजीव सहजीवन का जागरूकता अभियान चला रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत कर्नाटक से लाए गए हाथियों को ट्रेंड किया जा रहा है।

हाथियों से जंगल की पेट्रोलिंग कराना मुख्य उद्देश्य

दुधवा के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य हाथियों से जंगल की पेट्रोलिंग करना है। छह हाथियों को मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के मद्देनजर ट्रेंड किया जाएगा। नए हाथी बिगड़ैल बाघों को काबू करने के लिए मोर्चे पर लगाए जाएंगे।

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