नया शस्त्र लाइसेंस बनवाने वालों के लिए बड़ी खबर, आसानी से नहीं पूरा होगा असलहा रखने का शौक, इस वजह से बढ़ी मुश्किल

नया शस्त्र लाइसेंस बनवाने वालों के लिए बड़ी खबर, आसानी से नहीं पूरा होगा असलहा रखने का शौक, इस वजह से बढ़ी मुश्किल

Nitin Srivastva | Updated: 13 Dec 2018, 10:10:01 AM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

इस वजह से नया शस्त्र लाइसेंस बनवाने का ख्वाब रह सकता है अधूरा...

लखीमपुर खीरी. असलहे के शौकीन लोग जुगाड़ लगाने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं। बस किसी प्रकार असलहा कमर में लग जाए। कमर में अगर पिस्टल या रिवाल्वर लगा हो तो रुतबा और भी बढ़ जाता है। इस रुतबे को बढ़ाने में आम आदमी की लाइन में अफसर भी पीछे नही हैं। जिला स्तरीय अधिकारी हो या मजिस्ट्रेट, इतना ही नहीं दूसरे जिलों में भी तैनात अधिकारी भी चाहते हैं कि उन्हें शस्त्र का लाइसेंस मिल जाए।

 

आए कुल इतने आवेदन

इस बार आये नये आवेदनों पर नजर डालें तो विरासत, स्थानांतरण और नये शस्त्र लाइसेंस के लिए कुल 3731 आवेदन कलेक्ट्रेट स्थित शास्त्र अनुभाग में पहुंचे हैं। अधिकारी जानते हैं कि उन्हें लाइसेंस आसानी से मिल जाएगा, लेकिन आम आदमी भी ऐड़ी-चोटी से जुगाड़ में लगे हैं। आने वाले आवेदनों में सबसे ज्यादा मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र से 799 और कोतवाली क्षेत्र से 796 हैं। जबकि चंदनचौकी और गौरीफंटा क्षेत्र से सबसे कम तीन-तीन आवेदन आए हैं।

 

अफसर भी रखेंगे असलहा

वहीं जिला स्तरीय अधिकारियों में आवेदन करने वालों में डीडी बफरजोन अनिल कुमार पटेल, समाज कल्याण अधिकारी ओपी सिंह, एसडीएम मोहम्मदी भगवानदीन वर्मा, बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह और सीतापुर के एक एसडीएम और लखनऊ के साथ दो एसडीएम के साथ एक न्यायिक अधिकारी व पुलिसकर्मी शामिल हैं। जिन अधिकारियों ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया है उनमें से तमाम दफ्तर में बैठकर जनता की समस्याएं सुनते हैं और उनका निस्तारण करते हैं।

 

जिले में कुल 28 हजार शास्त्र धारक

सरकारी आकड़ों के मुताबिक जिले में अभी तक 28 हजार शास्त्र लाइसेंस धारक हैं। जिसमे एक नाली बंदूक, राइफल, पिस्टल और रिवाल्वर शामिल है। वहीं जिला अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शस्त्र लाइसेंस जारी करना गंभीर विषय है। कोई व्यक्ति शौक के तौर पर लाइसेंस लेना चाहता है तो उसे लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।

 

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