प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ मिल रहा सिर्फ मुट्ठी भर महिलाओं को

मातृ वंदना योजना के तहत महिलाओं को नहीं मिल रहा है पूरा लाभ

By: Mahendra Pratap

Published: 07 Jun 2018, 12:29 PM IST

लखीमपुर खीरी. केंद्र और प्रदेश की सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जितना गंभीर है। इन विभागों में भ्रष्टाचार चरमसीमा पर है। सरकार इन विभागों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के प्रयास करते है। वह यह विभाग
सरकार की उन योजनाओं में पलीता लगाने का काम करते है। हम बात कर रहे हैं भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की। जिले में इस योजना की हालत बत से बत्तर है। इस योजना के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए परिवार के पहले जीवित शिशु के जन्म के लिए गर्भवती महिला एवं धात्री माता को तीन चरणों में पांच हजार रुपये की धनराशि सीधे उनके खाते में भेजी जानी है। लेकिन 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस योजना का लाभ सिर्फ चंद लाभाथीं महिलाओं को ही प्राप्त हुआ है।

शहर के जिला महिला अस्पताल में जानकारी का अभाव

खीरी जिले में अब तक केवल 40 माताओं को इस योजना का लाभ मिल पाया है। अभी भी विभाग में 766 आवेदन लंबित पड़े हैं। गौरतलब है कि शहरी क्षेत्र में आज भी यह योजना लागू होना तो दूर जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ मीरा वर्मा को इस योजना की जानकारी तक नहीं है। एनआरएचएम मिशन निदेशक पंकज कुमार ने 4 जून को इस संबंध में एक पत्र जिलाधिकारी को भेजा था।

इस योजना में प्रपत्रों को ब्लॉक पर कंप्यूटर ऑपरेटर एवं पीएमएमवीआई कैश पोर्टल पर प्रविष्ठ किया जाना है। इस दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी लाभार्थी पत्रों की जांच अनुमोदित करने की व्यवस्था है। प्रपत्र बड़ी संख्या में कर्मियों के कारण करेक्सन क्यू में भेजा गये हैं। इसमें 5 जून 2018 तक पूरे प्रदेश में 61600 आवेदन करेक्शन क्यू लंबित है। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधन इमरान के मुताबिक 3900 आवेदन अपलोड किए जा चुके हैं। जबकि कुछ लखनऊ भेजे गए हैं। लेकिन आंकड़े कुछ और बता रहे हैं।

1 जनवरी 2017 से लागू है वंदना योजना वंदना योजना

योजना के तहत पहली बार मातृत्व सुख प्राप्त करने वाली महिलाओं को तीन किश्तों में 5000 हजार रुपये दिए जाने हैं। गर्भधारण के समय पहली बार चेकअप के समय, दूसरा प्रसव के समय और तीसरा बच्चे के टीकाकरण के बाद। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है। कि इस योजना के तहत विभाग को 3900 आवेदन मिले थे। जांच के बाद सभी फार्म पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं। जांच के बाद सभी फार्म पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं।

निर्देश के बावजूद योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ

विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि यह आंकड़ा काफी कम है। ऐसे में जिले के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को निर्देश दिये जाते है कि पहली बार मातृत्व सुख प्राप्त करने वाली महिलाओं का डाटा विभाग को मुहैया कराया जाए। विभागीय कर्मचारियों को इस संबंध में निर्देशित किया गया है कि पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को फार्म भरना आवश्यक है।

यह है योजना की जिलावार तस्वीर

सीतापुर जिले में 1458, फैजाबाद में 1410, कन्नौज में 1372 ,गोंडा में 1242 , हरदोई में 1046, लखनऊ में 915, उन्नाव 846 में, बहराइच में 812 लाभार्थियों के आवेदनों करेक्शन क्यू में पड़े हैं। प्रदेश के 75 जिलों में 61600 आवेदन करेक्शन क्यू में लंबित पड़ी है। विभाग की माने तो खीरी जिले में 46 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। साथ ही 254 महिलाओं को योजना का लाभ दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

जननी सुरक्षा योजना की भी यही है हालत

पूरे मामले में सीएमओ डॉ़ मनोज अग्रवाल ने बताया कि मातृत्व वंदना को लेकर विभाग पूरी तरह से गंभीर है और लाभार्थियों को इसका पूरा लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र में योजना क्यों नहीं शुरू हो सकी, इसकी जांच की जाएगी। फिलहाल ब्लॉक स्तर पर योजना चल रही है। कुछ मामलों में लाभार्थियों महिलाओं व उनके परिवार में किसी के पास या तो बैंक खाता नहीं है या फिर खाता आधार से लिंक नहीं है। यही हालत जननी सुरक्षा योजना को लेकर भी है।

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