दुधवा के 'वीरप्पन' से निपटने पहुंचे तमिलनाडु के विशेषज्ञ

दुधवा के 'वीरप्पन' से निपटने पहुंचे तमिलनाडु के विशेषज्ञ

Abhishek Gupta | Publish: Sep, 16 2018 03:42:58 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 03:42:59 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

दुधवा के जंगलों में छिपे वीरप्पनों की कमर तोड़ने के लिए जांबाज दुधवा पहुंच रहे हैं।

लखीमपुर खीरी. दुधवा के जंगलों में छिपे वीरप्पनों की कमर तोड़ने के लिए जांबाज दुधवा पहुंच रहे हैं। तमिलनाडु के यह जांबाज दुधवा के स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स एचटीपीएफ के जवानों को दुधवा की सुरक्षा और तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगाया जायेगा। दुधवा पार्क के निदेशक रमेश कुमार पांडे ने बताया है कि दुधवा टाइगर रिजर्व पर तैनात जवानों को जंगल क्राफ्ट की ट्रेनिंग दी जायेगी। ट्रेनिंग के दौरान तमिलनाडु के डीजीपी और वहां से एसटीएफ के विशेषज्ञों को बुलाया गया है। इस ट्रेनिंग में कुल तीन मॉड्यूल होंगे, जिसमें लगभग 90 जवान और प्लाटून कमांडरों की ट्रेनिंग कराई जायेगी। यह स्पेशल ट्रेनिंग डब्लू डब्लू एफ की मदद से कराई जाएगी। इसके लिए तमिलनाडु एसटीएफ इंस्पेक्टर जे सुरेश और एसटीएफ के सर्वलिंगम को बुलाया गया है।

वीरप्पन को मारने वाली टीम मे थे जे सुरेश-
जे सुरेश 2004 में कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को मार गिराने वाली टीम में शामिल थे। दुधवा एफडी पांडे के मुताबिक उनको तमिलनाडु पुलिस का गैलेंट्री अवार्ड और प्रेसिडेंशियल अवार्ड मिल चुका है। इन लोगों को विशेष तौर पर जंगल पेट्रोलिंग, वन अपराध व अपराधियों से मुठभेड़, वनजीवों से तालमेल के तौर-तरीके सिखाए जाएंगे। एंबुश काउंटर, एंबुश कैटवॉक पेट्रोलिंग (जिसमें दो कदम की दूरी पर मौजूद होने पर भी पत्ता खटकने की आवाज ना हो) जंगली संसाधनों से ग्रस्त और जंगलों के रास्ते को सुगम बनाना भी टैनिंग का मुख्य हिस्सा होगा। साथ ही जंगल के तालमेल से संबंधित भी ट्रेनिंग देंगे।

दुधवा के एसटीपीएफ में पीएसी के जवान होंगे शामिल-
एसटीपीएफ के डिप्टी कमांडेंट अभिनव यादव ट्रेनिंग को कोऑर्डिनेट करेंगे। वहीं दुधवा एफडी ने बताया कि दुधवा के एसटीपीएफ में पीएसी के जवान शामिल होंगे। उनको कानून व्यवस्था संभालने में तो महारत हासिल है ही, पर जंगली जानवरों और वन्यजीवों अपराधियों से निपटना उनके लिये नई चुनौती होगी। साथी ही उनके लिये यह मौहोल भी बिल्कुल अलग होगा।

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