मास्टर जी को स्कूल जाना नहीं है पसंद, इसलिए निकाला ये अनोखा जुगाड़!

Ruchi Sharma

Publish: Oct, 13 2017 11:40:06 (IST) | Updated: Oct, 13 2017 12:14:01 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
मास्टर जी को स्कूल जाना नहीं है पसंद, इसलिए निकाला ये अनोखा जुगाड़!

मास्टर जी को स्कूल जाना नहीं है पसंद, इसलिए निकाला ये अनोखा जुगाड़!

निघासन-खीरी. जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का। यह कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है तहसील क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में तैनात चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों पर। जो अपने कार्यालय जाने के बजाय अपनी जगह पर एक प्राइवेट कर्मचारी को लगाकर खुद घर बैठे-बैठे नियमित तनख्वाह भी निकाल रहा है। ऐसा भी नहीं कि इस मामले की किसी ने शिकायत नहीं हुई, लेकिन ऊंची-पहुंच व धन-बल के बलबूते शिकायती-पत्रों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बता दें कि पलिया रोड पर स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज जो कि क्षेत्र की लड़कियों के लिए इकलौता इंटर कॉलेज है। जहां विभाग द्वारा अध्यापकों के नाम पर मात्र अकेली प्रधानाचार्या ही नियुक्त है। साथ ही कॉलेज के अन्य कार्यों सहित भवन की देख-रेख के लिए आनंद कुमार, जैनुल, भीम बहादुर की भी नियुक्ती यहीं है। जिसमें भीम बहादुर अपनी रसूखदार पहुंच के चलते कॉलेज जाना मुनासिब नहीं समझते है और महीने में मात्र दो दिन ही कॉलेज जाकर पूरे महीने के हस्ताक्षर कर आते है। वहीं तीनों कर्मचारियों ने मिल बैठकर नाम मात्र की तनख्वाह पर दो प्राइवेट कर्मचारी लगा रखे है।
जिनके भरोसे पर विद्यालय भवन तो है ही साथ ही विभागीय दस्तावेज भी आते-जाते है।

विभागीय सूत्रों की माने तो भीमबहादुर की पत्नी बेलापरसुआ की ग्राम प्रधान है और वह प्रधानी के विकास से सम्बंधित सभी जरूरी कार्यों में ही लगे रहते है, जिसके कारण वह कॉलेज महीने में एक-दो दिन ही पहुंच पाते है। उधर कर्मचारियों के न आने से कार्यालय से सम्बांधित कार्य एक तो प्राइवेट कर्मचारी ही निपटाते है।

साथ ही वह अभिभावकों से विभिन्न मामलों में आर्थिक शोषण करने में भी कोई कोर-कसर नहीं रखते है। जिसकी शिकायत भी अभिभावकों ने कई बार उच्चाधिकारियों से की थी, लेकिन सांठगांठ के चलते कार्रवाई नहीं है। जिससे वह पुन: सामूहिक शिकायत का मन बना रहे है। इस सम्बंध में पूछे जाने पर कर्मचारी भीमबहादुर ने बताया कि मेरी तैनाती राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में ही है और मैं नियमित कॉलेज जाता है इसके अतिरिक्त कोई अन्य कार्य नहीं करता हूं। ऐसा भी नहीं है कि इस मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं है सब कुछ जानते हुए भी अंजान बने हुए हैं।

दो अप्रशिक्षित लगा रखे है शिक्षक

ग्राम पंचायत पतिया के बालिका हाईस्कूल विद्यालय में तैनात अध्यापक अश्विनी कुमार अपने मूल विद्यालय में न जाकर लुधौरी (निघासन) के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में बैठे हुए मिल जाते हैं, और अपने एवज में वहां दो-दो हजार रुपए में अनट्रेंड एक लड़के व एक लड़की को पढ़ाने के लिए लगा रखा है।

सीसीटीवी फुटेज से सामने आ सकती है हकीकत

शासन द्वारा विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए गए हैं जिससे विद्यालयों में तैनात अध्यापकों की कार्यशैली में सुधार किया जा सके लेकिन तू डाल-डाल तो मैं पात-पात वाली कहावत बिल्कुल सटीक बैठ रही है, अगर किसी उच्चाधिकारी द्वारा सीसीटीवी फुटेज की जांच करा दी जाए तो सारी हकीकत सामने आ जाएगी।

फेल हो रहा बेटी पढ़ाओ अभियान

केंद्र व राज्य की सरकारें बेटी पढ़ाओं बेटी बचाओ अभियान के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। वहीं इसके जिम्मेदार इस अभियान की नैया डूबाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। एक तरफ जहां सरकार द्वारा लड़कियों को मुफ्त शिक्षा का दावा कर रही है वहीं राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में प्राइवेट अध्यापकों के द्वारा पढ़ाई के नाम पर हर माह मोटी रकम वसूल की जाती है।

सुने क्या कहते हैं जिम्मेदार

प्रधानाचार्या कुमार निधि सिंह ने बताया कि उनके द्वारा भीम बहादुर की तैनाती लुधौरी के गोविंदपुर फार्म में बने केंद्रीय विद्यालय में लगभग एक महिने पूर्व में की जा चुकी है, और वो वर्तमान समय में वहीं तैनात भी है।

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