दिव्यांग बच्चों को निशुक्ल बाटी जाएंगी ये चीजें, राज्य परियोजना कार्यालय ने दिया निर्देश

दिव्यांग बच्चों को निशुक्ल बाटी जाएंगी ये चीजें, राज्य परियोजना कार्यालय ने दिया निर्देश

Karishma Lalwani | Publish: Jul, 26 2019 05:39:09 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- राज्य परियोजना कार्यालयke निर्देश

- 6 से 14 वर्ष के बच्चों को फ्री मिलेगी सुविधा की चीजें

लखीमपुर खीरी. राज्य परियोजना कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में जनपद में सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत 6 से 14 वर्ष के अस्थि दिव्यांग/श्रवण बाधित/दृष्टिबाधित, मानसिक मंदित, सेरेब्रल पेल्सी से ग्रसित बच्चों को निःशुल्क उपकरण ट्राई साइकिल, बैसाखी, कैलीपर, व्हील चयेर, हिंयरिंग मशीन, ब्रेल किट, केन, एमएसआईडी किट आदि उपलब्ध कराये जाने के लिए दो दिवसीय शिविर जनपद मे लगाए जाएंगे। उक्त आशय की जानकारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्धप्रिय सिंह ने दी।

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चिन्हित बच्चे होंगे शामिल

बुद्धुप्रिय सिंह ने बताया कि विकास खण्ड पसगंवा के बीआरसी पसगंवा (पूर्व माध्यमिक विद्यालय पसगंवा) में उपकरण का मापन पांच अगस्त और उपकरण का वितरण 21 अक्टूबर को किया जाएगा। वहीं विकास खण्ड फूलबेहड़ में एनपीआरसी सुन्दरवल पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुन्दरवल में 6 अगस्त को उपकरण मापन व 22 अक्टूबर को उपकरण का वितरण किया जायेगा। इन कैम्पों में सम्बन्धित विकास खण्डों के अलावा निकट विकास खण्डों के सभी चिन्हित बच्चें शामिल होंगे। सभी बच्चों को सम्मिलित कराने का उत्तरदायित्व सम्बन्धित विकास खण्डों के खण्ड शिक्षा अधिकारी, सह समन्वयकों, न्याय पंचायत समन्वयकों का होगा। उन्होनें बताया कि खण्ड शिक्षा अधिकारी अपने स्तर से यह सुनिश्चित करेगें की सभी अस्थि, श्रवण, दृष्टि बाधित, मानसिक दिव्यांग बच्चें जिन्हें आवश्यक उपकरण की आवश्यकता हो, कैम्प में अनिवार्य रूप से उपस्थित हो, चाहे वह विद्यालय में पंजीकृत हो चाहे न हो। प्रत्येक बाजार, सम्पूर्ण समाधान दिवसों, मुख्य स्थानों पर व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया जाय। कैम्प मापन स्थल तक बच्चों को लाने व वापस भेजने की जिम्मेदारी सम्बन्धित ब्लाक समन्वयकों ध्न्याय पंचायत समन्यवकों की होगी।

कोई बच्चा न रह जाए वंचित

विद्यालयों में अध्ययनरत अस्थि दिव्यांग बच्चों को उपकरण उपलब्ध कराए जाने का उत्तरदायित्व सम्बन्धित प्राथमिक विद्यालय का होगा। यदि विद्यालयों में अध्ययनरत कोई भी बच्चा, जिसे उपकरण की आवश्कता है और वह लाभान्वित होने से वंचित रह जाता है, तो उसे सम्बन्धित प्राथमिक अध्यापक व न्याय पंचायत समन्वयक पूर्ण रूप से उत्तरदायी होगा। बीएसए ने उक्त के सम्बन्ध में यह भी निर्देशित किया कि कैम्प स्थल पर (बच्चों का समक्ष चिकित्साधिकारी द्वारा निर्गत मूल दिव्यांग प्रमाण पत्र भी दिखाने के लिए साथ में रखे। राजस्व अधिकारी द्वारा निर्गतआय प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड, मनरेगा कार्ड, दिव्यांग पेंशन प्रपत्र, विधायक, सांसद या ग्राम प्रधान से प्रमाणित आमदनी प्रमाण पत्र, चार पास पोर्ट साइज की फोटो जिसमें दिव्यांगता प्रदर्शित हो रही हो) अभिलेखों के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा।

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