बेचने ले जाई जा रही नेपाल की बहनों को भेजा अल्पावास गृह

कंचनपुर जिले की रहने वाली हैं दोनों युवतियां

लखीमपुर-खीरी। तमाम कोशिशों के बाद भी ह्यूमन ट्रैफिकिंग रुकने का नाम नहीं ले रही है। खासकर इंडो-नेपाल बार्डर के इस इलाके में पिछले कुछ समय में बाल व महिला तस्करी के मामले तेजी से बढ़े हैं। ताजा घटना में लखीमपुर निवासी एक युवक नेपाल के जिला कंचनपुर निवासी दो बहनों को बहला फुसलाकर ले जा रहा था, जिन्हें स्थानीय लोगों के प्रयास से सकुशल महिला अल्पावास गृह भेज दिया गया। अलबत्ता पुलिस की निष्क्रियता की वजह से आरोपी युवक भागने में कामयाब रहा।

सोमवार को स्थानीय बस स्टैंड पर दो नेपाली युवतियों के साथ एक युवक को देखा गया। इस पर जितेंद्र सिंह गोल्डन, सुरेश आदि ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी। जब युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, तो तुरंत ही चैकी पुलिस को सूचना दी गई। लेकिन पुलिस समय से नहीं पहुंच सकी। इस बीच खु को फंसता देख युवक युवतियों को छोड़कर भाग निकला। बाद में दोनों युवतियों को चैकी लाया गया। जहां उन्होंने बताया कि वे लोग नेपाल के जिला कंचनपुर की रहने वाली हैं, दोनों सगी बहनें हैं।

युवती गीता व पदमा पुत्री दलबहादुर ने बताया कि लखीमपुर निवासी सलमान नाम का युवक उनसे मिला और कहा कि वह उन्हें अच्छा काम दिलवाएगा, उसी के साथ वे लोग जा रही थीं। मामले की सूचना महिला अल्पावास गृह को दी गई। मौके पर पहुंची अल्पावास गृह की अधीक्षिका आर्य मित्रा विष्ट दोनों युवतियों को अपना साथ लेकर चली गईं।
Abhishek Gupta Desk/Reporting
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