बिना किसी न्यायालय के आदेश के सजायाफ्ता बंदी को किया रिहा, मामला दर्ज

जिला कारागार से बिना किसी न्यायालय आदेश प्राप्ति के एक सजायाफ्ता अभियुक्त को रिहा करने का सामने आया है

By: Karishma Lalwani

Published: 10 Mar 2019, 07:22 PM IST

ललितपुर. जिला कारागार में अनियमितताएं कम होने का नाम नहीं ले रही। जिला जेल प्रशासन पर इसके पहले भी कई गंभीर आरोप लगते रहे हैं और उन आरोपों के चलते जेल अधीक्षक और पुलिस कर्मचारियों पर एक मामला पहले दर्ज हो चुका है। जिला कारागार से बिना किसी न्यायालय आदेश प्राप्ति के एक सजायाफ्ता अभियुक्त को रिहा करने का सामने आया है।

जिला कारागार के तत्कालीन जिला अधीक्षक बीके मिश्रा ने कोतवाली पुलिस को एक तहरीर देकर अवगत कराया कि जिला कारागार में 1987 का मुजरिम बशीर सजा काट रहा था। जिसे हत्या और लूट के मामले में न्यायालय द्वारा कारावास दिया गया था। उक्त सजायाफ्ता मुजरिम बसीर पुत्र गफूर निवासी ग्राम पिपरई जिला गुना मध्य प्रदेश जनपद ललितपुर की जिला कारागार में अपनी सजा काट रहा था। तभी तत्कालीन कारागार कर्मचारी एवं दोष सिद्ध बंदी आदि ने जिला कारागार अधीक्षक से मिलकर न्यायालय के फर्जी कागजात तैयार करवाए और फर्जी कागजातों की आधार पर उक्त बशीर को जेल से रिहा करवा दिया। यह मामला जब तत्कालीन जिला अध्यक्ष बी के मिश्रा के संज्ञान में आया तो उन्होंने सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर पूरे मामले से अवगत कराया। सदर कोतवाली पुलिस ने 420, 467, 468 व 471 धाराओं में तत्कालीन कारागार कर्मचारी तथा बंदी के खिलाफ मामला पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

Karishma Lalwani
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