नीलकंठेश्वर गोवंश आश्रय स्थल की हुई स्थापना, 40 हजार गोवंशों की होगी देखभाल

नीलकंठेश्वर गोवंश आश्रय स्थल की हुई स्थापना, 40 हजार गोवंशों की होगी देखभाल

Karishma Lalwani | Publish: Jul, 14 2019 07:41:26 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

40 हजार गोवंशों के लिए स्थापित हुआ नीलकंठेश्वर गोवंश आश्रय स्थल

ललितपुर. जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने ग्राम बादरौन, ब्लाॅक जखौरा में श्री नीलकंठेश्वर गोवंश आश्रय स्थल (Cow Shelter) की स्थापना हेतु पूरे विधिविधान के साथ भूमि पूजन कर फावड़े एवं कुदाल की सहायता से गोवंश आश्रय स्थल की नीव रखी। इसके बाद उन्होंने मौके पर आयोजित संगोश्ठी में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामवासियों को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यह बहुत ही शुभ दिन है, जो बेतवा नदी के किनारे एक गौवंश आश्रय स्थल की स्थापना हो रही है। उन्होंने कहा कि गाय ही एक ऐसा पशु है जो हमारे साथ तब से है जब हम जंगल में रहते थे, धीरे-धीरे खेती बढ़ती गई और उनके लिए चरने की जगह कम होती गई, फिर भी यह जनपद इस मामले में अच्छा है, क्योंकि यहां अभी भी बड़ी-बड़ी जमीने बची हुईं हैं।

गौवंश आश्रय स्थल की नींव

जिलाधिकारी ने कहा यहां 11वें गोवंश आश्रय स्थल की नीव रखी जा रही हैै। वर्तमान में यहां 37 एकड़ जमीन पर स्थापना की जा रही है। इसके अलावा यहां 90 एकड़ जमीन और उपलब्ध है। इस जमीन को भी गौवंश आश्रय स्थल में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि यहां के गौवंश को रहने के लिए पर्याप्त और अच्छा स्थान मिल सके। इसके साथ ही यदि किसी गौवंश आश्रय स्थल में हरा चारा नहीं उगाया जा सकता, तो वहां से लगभग 10 से 15 किमी के क्षेत्र के भीतर जहां भी हरा चारा उगाया जा सकता है, वहां से हरे चारे की आपूर्ति की जाएगी। साथ ही इस पुण्य कार्य में किसानों से अपील है कि प्रत्येक किसान कम से कम एक क्विंटल भूसा गौवंष आश्रय स्थल हेतु दान करे। जनपद में जो गौशालाएं बनायी जा रही हैं उनमें लगभग 35 से 40 हजार गोवंशों को बड़े आराम से रखा जा सकेगा और जनपद की अन्ना गौवंष की समस्या खत्म हो जाएगी।

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ये रहे मौजूद

भूमि पूजन कार्यक्रम में जिलाधिकारी के साथ मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ.एवके शाक्य, जिला सूचना अधिकारी पीयूश चन्द्र राय सहित ग्राम प्रधान, स्वयं समूह की महिलाएं एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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