मंदिर पर अवैध कब्जा करने के मामले में उपजिलाधिकारी के खिलाफ कार्यवाही के आदेश

मंदिर पर अवैध कब्जा करने के मामले में उपजिलाधिकारी के खिलाफ कार्यवाही के आदेश

Karishma Lalwani | Publish: Nov, 10 2018 07:29:23 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

जनपद के रणछोर मंदिर पर अवैध कब्जा करने में उप जिलाधिकारी और डीएफओ के खिलाफ कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं

ललितपुर. जनपद के रणछोर मंदिर पर अवैध कब्जा करने में उप जिलाधिकारी और डीएफओ के खिलाफ कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने रणछोर धाम मंदिर संबंधी विवाद की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी को जांच करने के आदेश दिए हैं।

दोषियों के खिलाफ कार्यवाही

अपर जिलाधिकारी ने जांच में पाया कि रम्मू दुबे एवं चन्द्रशेखर रणछोर धाम मंदिर पर अवैध रूप से काबिज है। जांच समीति द्वारा जांच के समय सभ्रान्त नागरिकों की उपस्थिति में पैमाइश की गयी। पैमाइश में यह पाया गया कि रणछोड़ धाम मंदिर एवं उसके आसपास की विभिन्न संरचना, चारागाह में न स्थित होकर वन विभाग की भूमि में स्थित है। तत्कालीन उपजिलाधिकारी पाली नरेन्द्र सिंह ने बिना किसी पैमाइश के गलत आख्या से वीरेन्द्रानन्द और उनके बेटे को रणछोर धाम मंदिर पर काबिज होने में मदद की है।

जिलाधिकारी ललितपुर मानवेन्द्र सिंह ने सहमति जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के आदेश दिये। जिलाधिकारी ने अपने आदेश में कहा कि विवादित भूमि वन विभाग की है। यह पहले से ही स्थापित था कि विवादित भूमि वन विभाग की है। इसलिए उपजिलाधिकारी पाली नरेंद्र सिंह ने अपनी आख्या में गलत तथ्यों को दिखाया है कि विवादित भूमि चारगाह की है।

यह आश्चर्यजनक है कि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा उपजिलाधिकारी के निर्णय पर कोई आपत्ति नहीं जतायी गयी। वन विभाग द्वारा बगैर किसी प्रतिकार के उच्च न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल किया कि विवादित भूमि वन विभाग की न होकर राजस्व विभाग की है। जिस पर उच्च न्यायालय द्वारा डीएफओ के विरूद्ध पोषित कन्टेमट प्रोसीडिंग को डिस्पोज्ड कर दिया। एडीएम की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि निवर्तमान उपजिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह द्वारा गलत तथ्यों और बगैर पैमाइश के विवादित भूमि को चारागाह की भूमि बताकर अवैध तरीके से कब्जा किया गया है।

उपजिलाधिकारी के खिलाफ कार्यवाही

उपजिलाधिकारी पाली के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने के लिए शाषन को पत्र लिखे जाने के निर्देश दिए गए हैं। नरेन्द्र सिंह उपजिलाधिकारी के निर्देश पर बगैर किसी ठोस सबूत के उच्च न्यायालय में झूठे तथ्यों के आधार पर शपथ पत्र दाखिल किया गया, जिस कारण वन विभाग के डीएफओ के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए शासन को पत्र लिखने के आदेश दिए। जिलाधिकारी ने पाया कि वीरेन्द्रानन्द अवैध रूप से मंदिर परिसर में काबिज है। जिलाधिकारी ने पुलिस कार्यवाही के माध्यम से मंदिर परिसर पर अवैध कब्जे को हटाने के आदेश जारी किये। साथ ही समिति गठन करने का भी निर्देश दिया।

अपने आदेश में जिलाधिकारी ने रणछोर धाम की पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्वता को देखते हुए इसके प्रबन्धन के लिए एक समीति गठित करने के निर्देष दिये है। जिलाधिकारी ललितपुर इस समीति के पदेन अध्यक्ष और उपजिलाधिकारी पाली इस समीति के सचिव होंगे। समिति के अन्य सदस्यों में तहसीलदार पाली, ग्राम प्रधान, उप प्रधान, पंचायत समीति की तीन चयनित सदस्य, ग्राम पंचायत चुनाव में दूसरे नम्बर पर रहने वाला व्यक्ति बीडीसी, सदस्य जिला पंचायत।

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