बजाज पावर प्लांट की राख से क्षेत्र में पर्यावरण के साथ आम जनजीवन को बढ़ा खतरा, खेती की जमीन भी होने लगी है बंजर

बजाज पावर प्लांट की राख से क्षेत्र में पर्यावरण के साथ आम जनजीवन को बढ़ा खतरा, खेती की जमीन भी होने लगी है बंजर

Neeraj Patel | Publish: May, 13 2019 10:21:20 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

जनपद में स्थापित बजाज पावर प्लांट की कार्यप्रणाली से क्षेत्र की जनता काफी भयभीत है।

ललितपुर. जनपद में स्थापित बजाज पावर प्लांट की कार्यप्रणाली से क्षेत्र की जनता काफी भयभीत है। बजाज पावर प्लांट में कोयले से बिजली बनाई जाती है और बिजली बनाने के बाद बची केमिकल युक्त राख को क्षेत्र में कहीं भी कभी भी चारों ओर फेंका जा रहा है। जिससे आम जनजीवन के साथ साथ मूक पशुओं एवं पर्यावरण को खतरा बढ़ गया है।

इसके साथ ही क्षेत्र की जमीन बंजर होने की कगार पर है क्योंकि बजाज पावर प्लांट से निकली हुई राख किसानों के खेतों और उसके आसपास नदी किनारे पर फेंकी जा रही है। जिससे नदियों तालाबों चेकडेमो का पानी जहरीला होने की संभावना बनी हुई है। जिसके संबंध में भारतीय किसान संघ ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन देकर पूरे मामले से अवगत कराया।

जानिए क्या है पूरा मामला

भारतीय किसान संघ ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन देकर अवगत कराया कि बजाज पावर प्लांट से लगभग 50 किलोमीटर दूर ग्राम दैलवारा गांव के आसपास बने सरकारी तथा गैर सरकारी जल स्रोतों के आसपास बजाज पावर प्लांट से निकली हुई। केमिकल राखी फैंकी जा रही है। जिससे पर्यावरण के साथ साथ जल स्रोतों की पानी जहरीला होने का खतरा बढ़ गया है, क्योंकि उन्हीं जल स्रोतों का पानी खेती में सिचाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है तो जानवर पीने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं और यदि पानी जहरीला हो गया तब सभी के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है।

उन्होंने बजाज पावर प्लांट के अधिकारियों का यह भी आरोप लगाया कि पावर प्लांट से निकलने वाली राख को वैधानिक निस्तारण के तहत नष्ट नहीं किया जा रहा बल्कि क्षेत्र में इधर-उधर फैलाकर आम जनजीवन को खतरा पैदा किया जा रहा है। इस ज्ञापन पर भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री बाबूलाल दुबे और उपाध्यक्ष भारतीय किसान संघ केहर सिंह बुंदेला के हस्ताक्षर हैं।

बताते चलें कि इसके पूर्व भी एक शिकायत पर जिला प्रशासन ने उक्त पूरे मामले की जांच करवाई थी तथा लैब से आने वाली रिपोर्ट भी नकारात्मक आई थी। जिसमें स्पष्ट किया गया था कि बजाज पावर प्लांट से निकलने वाली राख से नदियों का पानी जहरीला हुआ है एवं किसानों की जमीन भी बंजर हो रही है जिससे आम जनजीवन पर खतरा मंडरा रहा है । इस रिपोर्ट के बावजूद बजाज पावर प्लांट के खिलाफ शासन प्रशासन द्वारा किसी भी तरह की कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई। अगर यही हाल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब क्षेत्र में भयानक संक्रमक बीमारियां फैलेंगी और क्षेत्र की स्थिति बहुत ही भयाभय हो जाएगी।

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