जल निगम द्वारा डाली गई पाइप लाइन में हुआ भ्रष्टाचार उजागर

जल निगम द्वारा डाली गई पाइप लाइन में हुआ भ्रष्टाचार उजागर

Ruchi Sharma | Publish: Jan, 14 2018 04:13:11 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

जल निगम द्वारा डाली गई पाइप लाइन में हुआ भ्रष्टाचार उजागर

ललितपुर. जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने नगर पंचायत तालबेहट में करोड़ों रुपये की लागत से जल निगम द्वारा डाली गयी पेयजल पाइप लाइन में भ्रष्टाचार की शिकायत पर जांच कराने के उपरांत संलिप्त लोगों के खिलाफ प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश नगर विकास विभाग लखनऊ को पत्र भेजकर दंण्डात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है।

जिलाधिकारी ने उक्त पेयजल परियोजना में राजेश कुमार झां, सदस्य नगर पंचायत सदस्य तालबेहट की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए तालबेहट स्थित उक्त पेयजल पाइप लाइन परियोजना से सम्बन्धित सभी दस्तावेज जब्त करते हुए स्वयं गहन जांच की। जांच में जिलाधिकारी ने पाया कि तालबेहट सुदृढ़ीकरण पेयजल योजना में जलनिगम द्वारा व्यापक भ्रष्टाचार किया गया है। अधिशासी अभियंता द्वारा बार-बार गुमराह कर पेयजल परियोजना से सम्बन्धित जांच को पटरी से उतारने का प्रयास किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्वयं सम्बन्धित पत्रावलियों का परीशीलन एवं अध्ययन किया।

जांच में खुली भ्रष्टाचार की कलाई

जांच के बाद यह बात निकलकर सामने आई कि नगर पंचायत तालबेहट के 07 वार्डां में पेयजल परियोजना के लिए कुल 87.10 लाख रुपये का स्टीमेट बनाया गया था। नियमानुसार उक्त योजना पर व्यय निविदा के आधार पर किया जाना चाहिए था। परंतु अधिशासी अभियंता जलनिगम द्वारा टुकड़े-टुकड़े में कुटेशन के माध्यम से व्यय किया गया। जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।

पत्रावलियों के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि अधिशासी अभियंता जलनिगम द्वारा जानबूझकर निविदा आमंत्रित नहीं की गयी, बल्कि उपरोक्त धनराशि के खण्डों में कुटेशन के द्वारा कार्य कराकर भारी वित्तीय अनियमितता की गयी है, इनके द्वारा कुटेशन के द्वारा जो कार्य किया गया है वह अनियमित है तथा इस योजना को इनके द्वारा अभी तक जल संस्थान को हस्तांतरित भी नहीं किया गया है। पाईप लाईन कमजोर होने के कारण पानी के प्रेशर से जगह-जगह फट गयी, जिससे पेयजल की उपयोगिता सिद्ध नहीं हुई।

गम्भीर अनियमितताएं हुई उजागर

जिलाधिकारी ने पाया कि इस पूरे प्रकरण में गम्भीर वित्तीय अनियमिततायें की गयी हैं, जो भी कार्य कराया गया है, उसके प्रतिफल में नगर पंचायत तालबेहट के नगरवासियों को एक बूंद भी पानी नहीं मिला हैं। पूरी परियोजना का रखरखाव जल संस्थान द्वारा किया जाता है, नियमानुसार इसको जल संस्थान को हस्तांतरित कर दिया जाना चाहिए था।


गुणवत्तापूर्वक कार्य न कराये जाने के फलस्वरूप पानी की सप्लाई न हो पाने की वजह से योजना जल संस्थान को हस्तांतरित नहीं हुई। घटिया कार्य होने के कारण पाईप लाईन में पानी रिलीज करते ही पानी की पाईप लाईन फट गयीं, जिसकी वजह से नगरवासियों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो सका। इस पेयजल योजना द्वारा नगर पंचायत तालबेहट के 12 वार्डां में से 07 वार्डां में पानी की सप्लाई की जानी थी। जो पिछले 04 वर्षां से बाधित है। तालबेहट के निवासियों में इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रोश था।

जिस पर जिलाधिकारी ने जनमानस की भावना के अनुरूप जांच कर कठोर कार्रवाई हेतु प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को आवश्यक दंण्डात्मक कार्रवाई हेतु पत्र प्रेषित कर दिया।

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