अपनी जमा पूंजी से बच्चों को शिक्षा देने वाले यह शिक्षक हैं सभी बच्चों के प्यारे

अपनी जमा पूंजी से बच्चों को शिक्षा देने वाले यह शिक्षक हैं सभी बच्चों के प्यारे

Mahendra Pratap | Publish: Sep, 04 2018 08:12:54 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

आजकल के ज्यादातर मां बाप बच्चों को पढ़ाने के लिए प्राइवेट स्कूलों का सहारा लेते हैं

ललितपुर. लाइफ में अच्छी शिक्षा और अच्छे शिक्षकों की अहमीयत बहुत मायने रखती है। मां बाप अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का प्रयास करते हैं। यही वजह है कि आजकल के ज्यादातर मां बाप बच्चों को पढ़ाने के लिए प्राइवेट स्कूलों का सहारा लेते हैं। कई अभिभावक तो इंग्लिश मीडियम प्राइवेट स्कूलों में भारी भरकम फीस भरकर अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं। मगर आज भी कुछ सरकारी अध्यापक इस समाज के लिए प्रेरणादायक बने है। ऐसे कर्तव्यनिष्ठ अध्यापक बच्चों को उच्च शिक्षा अच्छी शिक्षा देकर उन्हें समाज में एक मुकाम दिलाने के लिए प्रयासरत है और इसी प्रयास को वह अपना फर्ज वह समझते हैं। ऐसे ही एक अध्यापक हैं लखनलाल सेन जो एक छोटे से सरकारी पूर्व माध्यमिक विद्यालय मड़ावरा रोड महरौनी स्कूल में वर्तमान में सहायक अध्यापक पद पर तैनात हैं।

जुडो कराटे मार्शल आर्ट की शिक्षा

वह अपने जीवन की जमा पूंजी स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को समझते हैं। लगभग दो माह पूर्व वह प्रभारी प्रधानाध्यक के पद पर कार्यरत थे। इनका उद्देश्य बच्चों को अच्छी शिक्षा देना संस्कार देना है। इस स्कूल में तैनात अध्यापक द्वारा पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को गुणवत्ता परत शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी उपलब्ध कराए जाते हैं। इस स्कूल में प्रधानाध्यपिका द्वारा बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जुडो कराटे, मार्शल आर्ट योगा जैसी शिक्षा दी जाती है। विद्यालय के एक कक्षा 8 के छात्र सुमित सिंह बुनकर ने बताया कि हमारा स्कूल हमारे टीचर की वजह से बहुत अच्छा है। यहां पर अच्छी पढ़ाई के साथ-साथ मार्शल आर्ट की शिक्षा भी दी जाती है।

बढ़ने लगी है विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति

इस बारे में अध्यापक लखनलाल सेन ने बताया कि मेरी नियुक्ति 28 दिसम्बर 2005 को अध्यापक के रूप में हुई थी। उसके बाद जब मैने 2010 में पूर्व माध्यमिक विद्यालय मड़ावरा रोड महरौनी में कार्यभार ग्रहण किया था तब उस समय विद्यालय का छात्राकंन मात्र 25 था और आज वर्तमान में 133 हैं। वह बताते हैं कि हर रोज सुबह 6 बजे बच्चों को संगीत पर सर्वांग सुंदर व्यायाम, जुडो कराटे, लम्बी कूंद, ऊंची कूंद, गोला समेत कई खेल सिखाया जाता है। जिसका परिणाम यह हुआ कि विद्यालय न आने वाले बच्चों की भी उपस्थिति बढ़ने लगी है। साथ ही साथ शैक्षिक गुणवत्ता भी बढ़ी।

नुक्कड़ नाटक द्वारा किया जागरुक

जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान ललितपुर द्वारा शैक्षिक नवाचार मेला में वाद-विवाद, भाषण व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूल के बच्चों द्वारा नुक्कड़ नाटक द्वारा जागरूक किया गया। इस पर शिक्षक लखन लाल सेन आर्य को नगर पंचायत महरोनी द्वारा प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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