बच्चों के स्वास्थ्य की सटीक मानिटरिंग करेगा यह ऐप, 38 प्रकार के रोगों की डिटेल

बच्चों की सेहत का ख्याल रखने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का नया एप लागू किया गया है

By: Karishma Lalwani

Published: 09 May 2019, 04:31 PM IST

ललितपुर. सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जाने वाले बच्चों की सेहत के लिए एक अच्छी खबर है। अब इन बच्चों की सेहत का ख्याल रखने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का नया एप लागू किया गया है। यह एप एक-एक बच्चे की सेहत की मानीटरिंग में काम आएगा। झांसी मण्डल के क़रीब 70 लोगों जिनमें आरबीएसके के चिकित्सक, कर्मचारियों, आईसीडीएस विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस एप को लेकर प्रशिक्षित किया गया।

बच्चों के स्वास्थ्य की सटीक मानिटरिंग

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के इस एप के माध्यम से स्कूल-कॉलेज व आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के स्वास्थ्य की अब सटीक मॉनीटरिंग होगी। मोबाइल हेल्थ टीम मौके पर जाए बगैर रिपोर्ट नहीं लगा पाएगी। मोबाइल हेल्थ टीम को बच्चों की फोटो के साथ पूरी रिपोर्ट एप पर अपलोड करनी होगी। ये एप, स्वास्थ्य, शिक्षा, बाल विकास पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों के मोबाइल पर भी होगा।

अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुमन बाबू मिश्रा ने बताया इस एप का उद्देश्य आरबीएसके योजना में परर्फामेंस सुधारना है। इस एप में मोबाइल टीम अपने द्वारा चिह्नित उन बाल मरीजों का लगातार फालोअप कर सकेंगी, जिनकों उन्होंने फील्ड से इलाज के लिए रेफर किया था। कोई भी बच्चा इलाज से वंचित नहीं रह पाएगा। यह एप प्रति व्यक्ति की उपलब्धता को भी अंकित करेंगी, जिससे टीमों के स्कूल व आगनवाड़ी भ्रमण में पारदर्शिता आएगी।

सिफ़प्सा के मण्डल कार्यक्रम प्रबन्धक आनंद चौबे ने बताया कि इस कान्सेप्ट की शुरुआत झांसी मंडल से ही की गई थी। अब इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि झांसी मे यह पहले भी चल रहा था। लेकिन कुछ तकनीकी दिक्कतें थी। उन्हें ठीक करके पुनः इस एप को शुरू किया जा रहा है।

38 प्रकार के रोगों की डिटेल

आरबीएसके ललितपुर के डीईआईसी मैनेजर डा. सुखदेव ने बताया कि नये एप में 38 प्रकार के रोगों का डिटेल है। जिले के 6 ब्लाकों में प्रति ब्लाक कार्यरत दो मोबाइल टीम जब स्कूलों पर बच्चों के सेहत की जांच करेगी, तो बच्चों में कौन सी गंभीर बीमारी है, इसका विवरण एप में दर्ज हो जाएगा। जिन बच्चों को रेफर किया गया, उनमें से कितने अस्पताल नहीं पहुंचे यह भी देखा जा सकेगा। इससे फायदा यह होगा कि कोई भी बच्चा छूटने नहीं पाएगा और सभी का फालोअप होगा। एप में वे सभी सुधार किए गए हैं, जिनसे आरबीएसके के लोग अच्छी परर्फामेंस दे सकें।

आरबीएसके के नये एप्प की खासियत

• मोबाइल में नेटवर्क न रहने पर भी आरबीएसके के डाक्टर और पैरामेडिकल अपनी उपस्थिती व आंकड़े आफलाइन दर्ज कर सकेंगे। जैसे ही टीम नेटवर्क एरिया में आएगी, सभी आंकड़ें प्रेषित हो जाएंगे।
• डीएम, सीएमओ, नोडल अधिकारी, बीएसए, डीपीओ, सीएचसी अधीक्षक, प्रभारी चिकित्साधिकारी, एबीएसए, सीडीपीओ डीईआईसी मैनेजर और स्टेट के लोग भी कभी भी एप से बच्चों के इलाज के लिए गई टीम का डिटेल जान सकेंगे।
• आरबीएसके टीम को फीड किए गए डेटा के प्रिव्यू व पोस्ट व्यू की सुविधा मिलेगी। फाइनल अपडेशन से पहले अगर कोई गलती हो गई है तो उसे सुधारा भी जा सकेगा।
• एप में यह भी आप्शन दिया गया है कि अगर मोबाइल टीम की गाड़ी किसी कारणवश नहीं पहुंच पाती है तो नोआप्शन पर क्लिक करेंगे ताकि वैकल्पिक इंतजाम हो सके।

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Karishma Lalwani
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