जल संस्थान के कर्मचारियों पर आफत, पेंशन न मिलने से भुखमरी की कगार पर परिवार

जल संस्थान के कर्मचारियों पर आफत, पेंशन न मिलने से भुखमरी की कगार पर परिवार

Mahendra Pratap Singh | Publish: Sep, 16 2018 03:08:34 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 04:54:38 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन करते हुये ठेकेदार व अधिकारियों पर मनमानी और शोषण करने का आरोप लगाया है

ललितपुर. जल संस्थान में अस्थाई तौर पर कार्यरत कर्मचारियों ने घण्टाघर मैदान पर धरना प्रदर्शन करते हुये ठेकेदार व अधिकारियों पर मनमानी और शोषण करने का आरोप लगाया है। कर्मियों की समस्याओं को जानने के लिए मौके पर पहुंचे सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने जल संस्थान के अधिकारियों से कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान निकाला जाएगा।

पैसे मांगने पर देते हैं यह बहाना

ज्ञापन में जल संस्थान के कर्मचारियों ने बताया कि वह जनपद के विभिन्न कस्बों व ग्रामीण अंचलों में अस्थाई रूप से जल संस्थान की मजदूरी करते आ रहे हैं। बताया कि सर्दी हो या फिर गर्मी, बारिश हो या फिर कोई भी परिस्थिति हो, कर्मचारी बारह महीनों शहर की पेयजल व्यवस्था को बनाये रखते हैं। इसके बावजूद बच्चों की स्कूल फीस भरने तक को पैसे नहीं हैं। इस मामले में बताया गया कि विगत पांच माह से वेतन नहीं दिया गया है और जब भी विभाग से पैसे मांगते हैं, तो ग्रान्ड न आने की बात कहकर टाल दिया जाता है।

मजदूरी के रूप में 183 व 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिया जाता है। इसके अलावा मजदूरों ने बताया कि विभगाीय अधिकारियों व ठेकेदारों पर बार-बार रुपये मांगने जाते हैं, तो वह काम से हटाने की धमकी देते हुये शोषण कर रहे हैं। पीड़ित मजदूरों ने सदर विधायक व जिलाधिकारी से मजदूरी दिलाये जाने की मांग उठाते हुये आंदोलन करने की चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि 10 सितम्बर को लखनऊ में आयोजित जनता दरबार में भी प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन कार्यवाही नहीं हुई। अब उन्होंने कार्यवाही की मांग उठायी है।

भुखमरी की कगार पर परिवार

इस मामले में संघ के अध्यक्ष आसाराम का कहना है कि हम कर्मचारियों की वेतन पिछले 5 माह से नहीं मिल रही, जिस कारण हमारा परिवार भुखमरी की कगार पर आ खड़ा हुआ है। हमारे बच्चों की फीस नहीं भरी जाने के कारण उन्हें स्कूल से निकाले जाने का खतरा पैदा हो गया है। अगर यही हाल रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब हम दाने-दाने को मोहताज हो जाएंगे। अगर हम अधिकारियों से बात करते है तो वह कहते है कि ऊपर से पैसा नहीं आया है। हमने ज्ञापन देकर जिला अधिकारी से अपना वेतन दिलाए जाने की मांग की है।

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