विशाल सिक्का के इस्तीफे से 38 मिनट में इंफोसिस के 16,375 करोड़ रुपए साफ

इंफोसिस से विशाल सिक्का के इस्तीफे की खबर से  निवेशकों को 38 मिनट में करीब 16375 करोड़ का नुकसान हुआ।

By: manish ranjan

Published: 18 Aug 2017, 11:09 AM IST

नई दिल्ली।  इंफोसिस से विशाल सिक्का के इस्तीफे की खबर कंपनी के शेयर में 7 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई । सुबह जब शेयर बाजार खुला तो इस्तीफे की खबर के बाद महज 38 मिनट में कंपनी का मार्केट कैप 16,375 करोड़ रुपए घट गया। सिक्का के इस्तीफे से पहले बीएसई पर इंफोसिस का मार्केट कैप 2.35 लाख करोड़ था जो सुबह 10.40 मिनट पर घटकर 2,18,625 करोड़ रह गया है।

कैसा रहा कंपनी के शेयर का प्रदर्शन

कंपनी के शेयर की प्रदर्शन की बात करें बीते एक हफ्ते में कंपनी के शेयर में 3 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है। वही एक साल का प्रदर्शन देखे तो यहां भी कंपनी के शेयर ने निगेटिव रिटर्न ही दिया है। पिछले साल 18 अगस्त को कंपनी का शेयर 1024 रुपए का था जो अब घटकर 948 रुपए पर आ गया है।

 फाउंडर और बोर्ड के विवाद के चलते इस्तीफा

विशाल सिक्का ने इस्तीफा देने के बाद अपने कर्मचारियों को एक खत लिखा। जिसमें उन्होनें कहा कि इंफोसिस में काम करना उनके लिए शानदार रहा। हालांकि इंफोसिस के फाउंडर और बोर्ड के बीच चल रहे विवाद को इस्तीफे की वजह माना जा रहा है। इंफोसिस के सीईओ विशाल शिक्का के कामकाज को लेकर कंपनी के संस्थापकों ने शिकायत दर्ज कराई थी। इन्‍फोसिस के संस्थापक एन नारायणमूर्ति, क्रिस गोपालकृष्णन और नंदन निलेकणी ने निदेशक मंडल से की गई शिकायत में कहा था कि कंपनी के भीतर कॉरपोरेट गवर्नेंस के मानकों का पालन नहीं हो रहा है. नारायणमूर्ति का कहना है कि मनमाने ढंग से अधिकारियों को सुविधाएं दी जा रही हैं. इससे अन्य कर्मचारियों का मनोबल पर बुरा असर पड़ा.

इंफोसिस के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने सिक्का के साथ मुलाकात की और कहा कि उन्होनें महसूस किया कि सिलिकॉन वैली का आयात सीटीओ सामग्री अधिक था और सीईओ पद के लिए सही नही था। बताया जा रहा था कि मूर्ति और सिक्का के बीच मतभेद चल रहे थे। यह दूसरी बार है जब इंफोसिस के नेतृत्व मे संकट आया हैं, क्योंकि हाल ही में यह खबर आई थी कि संस्थापक सदस्यों ने शीर्ष प्रबंधन से सेवानिवृत्त होने की बात कही थी।

 

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