भाई की मदद के बाद भी मुश्किल में फंसे अनिल अंबानी, NCLT में चल रहे केस पर फंसा पेंच

  • मुकेश अंबानी की मदद के बाद भी आरकॉम और एरिक्सन के बीच का विवाद अभी तक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
  • अभी भी कोर्ट में आरकॉम और एरिक्सन मामला फंसा हुआ है।
  • अनिल अंबानी पर चल रहे केस को वापस लेने की इजाजत दी जाए क्योंकि कंपनी को उसकी बकाया रकम मिल गई है।

By: Shivani Sharma

Updated: 29 Mar 2019, 12:42 PM IST

नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की मदद के बाद भी आरकॉम और एरिक्सन के बीच का विवाद अभी तक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अभी भी सुप्रीम कोर्ट में आरकॉम और एरिक्सन मामला फंसा हुआ है। स्वीडन की टेलिकॉम इक्विपमेंट कंपनी ने जानकारी देते हुए बताया कि आरकॉम के खिलाफ जो कार्रवाई शुरू की गई थी। उसे वापस लेने की इजाजत दी जाए क्योंकि कंपनी को उसकी बकाया रकम मिल गई है। हालांकि, आरकॉम इसका विरोध कर रही है।


दो सप्ताह में होगा खुलासा

वहीं, इस मामले में जस्टिस आर. एफ. नरीमन की अध्यक्षता वाली बेंच ने दोनों कंपनियों को नोटिस जारी करके जानकारी दे दी है। इसके साथ ही बेंच ने कहा कि दोनों कंपनियां अपना रुख साफ कर दें। बेंच ने बताया कि आरकॉम के खिलाफ NCLT ( एनसीएलटी ) में मामला चलना चाहिए या नहीं इसके बारे में दो हफ्ते में जानकारी मिल जाएगी। इसका जवाब मिलने के बाद ही बेंच आगे की कार्रवाई करेगी और अपना फैसला सुनाएगी।


भाई ने की थी मदद

आपको बता दें कि आरकॉम ने अपने भाई की मदद लेकर 19 मार्च को एरिक्सन के 580 करोड़ रुपए के बकाया भुगतान किया था। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने आरकॉम को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर आरकॉम पैसों का भुगतान नहीं करेगी तो उसको जेल में डाल दिया जाएगा।

 

वकील ने दी जानकारी

एरिक्सन के वकील दुष्यंत दवे ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से बातचीत करते हुए कहा कि कंपनी को एनसीएलटी ( NCLT ) में आरकॉम के खिलाफ चल रहे इनसॉल्वेंसी केस को खत्म करने की इजाजत दे देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कंपनी को कर्ज देने वाले 90 फीसदी बैंकों की सहमति के बाद में ही इस केस को वापस लिया जा सकता है। उससे पहले इसको किसी भी तरह से वापस नहीं लिया जा सकता है। हालांकि, आरकॉम के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि एरिक्सन को केस वापस लेने के लिए एनसीएलटी में जाना चाहिए।

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