जेट एयरवेज को उबारने के लिए हिंदुजा ग्रुप की शरण में पहुंचे बैंक और एतिहाद

  • 22 अरब पौंड की वेल्थ के साथ ब्रिटेन के सबसे अमीर शख्स हैं ग्रुप के मालिक
  • जेट एयरवेज को खड़ा करने के लिए 15 हजार करोड़ रुपयों की है जरुरत
  • 2001 में इंडियन एयरलाइंस में भी दिलचस्पी दिखा चुका है हिंदुजा ग्रुप

By: Saurabh Sharma

Published: 15 May 2019, 11:33 AM IST

नई दिल्ली। जेट एयरवेज को खड़ा करने और अपना रुपया निकालने के लिए बैंक सब तरीके अपना रहे हैं। वहीं जेट एयरवेज में बड़े शेयरधारक एतिहाद एयरवेज भी अपनी ओर कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। अब बैंक और एतिहाद दोनों हिंदुजा ग्रुप की शरण में पहुंचे हैं। दोनों चाहते हैं कि हिंदुजा ग्रुप जेट एयरवेज को एक फिर से खड़ा करने में मदद के तौर जेट एयरवेज के स्टेक खरीदे। वैसे ग्रुप के मालिकों ने कोई वादा नहीं किया है। लेकिन ग्रुप ने इस बारे में थोड़ा सोचने पर मजबूर जरूर हुए हैं।

हिंदुजा ब्रदर्स से की मुलाकात
एतिहाद और बैंक के अधिकारियों ने सबसे पहले हिंदुजा ब्रदर्स के सबसे बड़े भाई जीपी हिंदुजर से मुलाकात की। जिसके बाद उन्होंने उन्हें छोटे भाई अशोक हिंदुजा के पास भेज दिया। भारत के सभी कारोबार की कमान अशोक हिंदुजा के पास ही है। पूरे मामले की जानकारी रखने वालों की मानें तो अभी ग्रुप की ओर से कोई आश्वासन नहीं दिया है, लेकिन उन्होंने इस बारे में सोचना जरूर शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में ग्रुप के अधिकारियों और कर्ज देने वाले बैंकोंके बीच मीटिंग हो सकती है। अभी तक टाइम और डेट फिक्स नहीं है।

आखिर हिंदुजा ग्रुप क्यों
अब सवाल ये है कि आखिर बैंक और एतिहाद आखिर हिंदुजा ग्रुप की ओर क्यों जा रहे हैं। इसके कई कारण हैं। पहला यह है कि हिंदुजा ग्रुप के पास पर्याप्त मात्रा में कैपिटल है, जिससे जेट एयरवेज के रिवाइवल प्लान को सक्सेस किया जा सकता है। द संडे टाइम्स रिच लिस्ट 2019 के अनुसार, हिंदुजा ब्रदर्स श्री और जीपी ने हाल में 22 अरब पौंड की वेल्थ के साथ ब्रिटेन के सबसे अमीर शख्स का दर्जा दोबारा हासिल किया था। ऐसे में ग्रुप जेट को दोबारा खड़े करने के लिए जरुरत रकम 15 हजार करोड़ रुपए जुटाने में सक्षम हैं। वहीं ग्रुप के दुनिया में 10 कारोबार हैं। ऑटोमोटिव, ऑयल एंड स्पेशियलिटी केमिकल्स, मीडिया, आईटी, पावर, हेल्थकेयर और रियल एस्टेट प्रमुख हैं।

एयर इंडिया में भी दिखा चुके हैं दिलचस्पी
एतिहाद और बैंकों ने इसलिए भी हिंदुजा ग्रुप को संपर्क किया है क्योंकि ग्रुप करीब 18 साल पहले एयर इंडिया में दिलचस्पी दिखा चुका है। साल 2001 में एयर इंडिया के लिए टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस के अलावा हिंदुजा ग्रुप ने भी बोली लगाई थी। उस समय एयर इंडिया की 40 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही थी। हिंदुजा ग्रुप ने इंडियन एयरलाइंस में 26 फीसदी की हिस्सेदारी के लुफ्थांजा के साथ साझेदारी की थी। लेकिन उस समय ग्रुप को कामयाबी हासिल नहीं हो सकी थी।

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Saurabh Sharma Desk/Reporting
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