ICICI बैंक में मैनेजमेंट ट्रेनी से शुरू किया था सफर, CEO के पद पर पहुंचीं फिर एेसे देना पड़ा इस्तीफा

ICICI बैंक में मैनेजमेंट ट्रेनी से शुरू किया था सफर, CEO के पद पर पहुंचीं फिर एेसे देना पड़ा इस्तीफा

Ashutosh Verma | Publish: Oct, 04 2018 04:33:49 PM (IST) | Updated: Oct, 04 2018 05:01:59 PM (IST) कॉर्पोरेट

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीर्इआे) व प्रबंध निदेशक (एमडी) चंदा कोचर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बैंक बोर्ड ने चंदा कोचर के फैसले को स्वीकार करते हुए उनके इस्तीफे को मंजूरी दे दी है।

नर्इ दिल्ली। देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीर्इआे) व प्रबंध निदेशक (एमडी) चंदा कोचर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बैंक बोर्ड ने चंदा कोचर के फैसले को स्वीकार करते हुए उनके इस्तीफे को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को बैंक बोर्ड ने एक्सचेंज में फइलिंग के दौरान ये जानकारी दी है। बोर्ड ने इस बात की भी जानकारी दी है कि बैंक के अगले सीर्इआे व एमडी संदीप बख्शी होंगे। चंदा कोचर देश के बैंकिंग सेक्टर में सबसे जानीमानी शख्सियत में से एक हैं। देश के बैंकिंग सेक्टर में पुरूषों के वर्चस्व को तोड़ने वाली चंदा कोचर आज देश ही नहीं बल्कि पूरी विश्व में अपनी अलग पहचान बनार्इ है। एेसे में ये जानना काफी दिलचस्प है कि आखिर कैसे चंदा कोचर ने ये मुकाम हासिल किया? आइए आपको भी बताते हैं चंदा कोचर की उन चुनिंदा बातों के बारे में...

Chanda Kochchar

मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर की थी करियर की शुरुआत

आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर का नाम आज शक्तिशाली महिलाओं की सूची में आता है। मैनेजमेंट ट्रेनी के छोटे से पद से बैंकिंग सेक्टर में अपने करियर की शुरूआत करने वाली चंदा कोचर की सफलता की कहानी महिलाआें के प्रेरणादायी है। देश की कर्इ महिलाआें को चंदा कोचर के जज्बे और मेहनत से आगे बढ़ने की सीख मिलती है। फोर्ब्स पत्रिका में दुनिया की सशक्त महिलाओं की सूची में जगह बनाने वाली चंदा का जन्म 17 नवंबर 1961 को जोधपुर , राजस्थान में हुआ था। उनकी स्कूल की पढ़ाई जयपुर से हुई। इसके बाद वह मुंबई आ गर्इं। उसके बाद उन्होंने जय हिन्द कॉलेज से ह्यूमैनिटीज से ग्रेजुएशन किया।

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गोल्ड मेडलिस्ट रहीं है चंदा कोचर

1982 में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने मुंबई के जमनालाल बजाज इंस्टिट्यूट ऑफ बिजनेस स्टडी से मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री ली। खास बात यह रही कि चंदा कोचर को मैनेजमेंट स्टडी में अपने शानदार परफॉर्मेन्स के लिए उन्हें वोकहार्ड्ट गोल्ड मेडल और कॉस्ट एकाउंटेंसी में सर्वाधिक अंक के लिए जेएन बोस गोल्ड मेडल मिला। 1984 में मास्टर डिग्री के बाद चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में एंट्री ली। जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्हीं के नेतृत्व में बैंक ने अपने रीटेल बिजनेस की शुरुआत की।

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मिल चुका है पद्म विभूषण अवार्ड

बैंकिंग के क्षेत्र में अपने योगदान के कारण चंदा को कई अवॉर्डों से नवाजा गया जिसमें भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला तीसरा सबसे बड़ा पुरस्कार पद्म विभूषण शामिल है। इसके साथ ही वे उन दो महिलाओं में एक हैं जो‍ कि इंडियन डॉमेस्टिक बैंक की हेड हैं। चंदा ने आईसीआईसीआई बैंक को एक बड़े रीटेल फाइनेंसर के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चंदा कोचर को प्रतिष्ठित वुडरो विल्सन अवार्ड फाॅर ग्लोबल काॅर्पोरेट सिटीजनशिप अवार्ड भी दिया गया था। यह अवार्ड पाने वाली चंदा कोचर पहली भारतीय महिला हैं। इनके पहले यह अवार्ड पूर्व राष्ट्रपति एंव अंतरिक्ष वैज्ञानिक स्वर्गीय एपीजे अब्दुल कलाम आैर आर्इटी उद्योगपति नारायणमूर्ति को मिला था।

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