दिल्ली हाई कोर्ट ने नरेश गोयल के खिलाफ जारी किया लुक आउट नोटिस, विदेश जाने की अनुमति देने से किया इंकार

  • दिल्ली हाई कोर्ट ( Delhi High Court ) ने नरेश गोयल को विदेश जाने की अनुमति देने से किया इनकार।
  • कोर्ट ने नरेश गोयल ( Naresh Goyal ) के खिलाफ जारी किया नोटिस।

By: Shivani Sharma

Published: 09 Jul 2019, 02:01 PM IST

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ( Delhi High Court ) ने जेट एयरवेज ( Jet Airways ) के संस्थापक नरेश गोयल ( naresh goyal ) को विदेश जाने की अनुमति देने से मंगलवार को इंकार कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ जारी ‘लुक आउट सर्कुलर’ ( LOC ) को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। न्यायाधीश सुरेश कैत ने कहा कि इस समय गोयल को कोई अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती है और यदि वह तत्काल विदेश यात्रा करना चाहते हैं तो उन्हें गारंटी के तौर 18,000 करोड़ रुपए जमा कराने होंगे।


नरेश गोयल के खिलाफ जारी किया लुक आउट नोटिस

अदालत ने गोयल के नाम जारी लुक आउट सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह उन्हें कोई अंतरिम राहत करते हुए यह टिप्पणी की। गोयल ने इस आधार पर लुक आउट सर्कुलर को चुनौती देने वाली याचिका में कहा है कि उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है फिर भी उन्हें 25 मई को दुबई की एक उड़ान से उतार लिया गया। गोयल ने कहा कि उन्हें लुक आउट सर्कुलर की जानकारी ही 25 मई को तब मिली जब वह और उनकी पत्नी अनीता दुबई जा रहे थे, जहां से वह लंदन जाने वाले थे।


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जेट पर है 8500 करोड़ का कर्ज

जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले बैंकों ने पहले ही निवेशकों को जानकारी देते हुए बताया था कि कंपनी की सेवाओं को एक बार फिर से शुरू करना एक मुश्किल काम है क्योंकि कंपनी के ऊपर करोड़ों रुपए का कर्ज है, जिसके कारण कंपनी की नेगेटिव नेटवर्थ को बदलना बहुत ही मुश्किल है। जेट पर लगभग 8,500 करोड़ रुपए का कर्ज है और इसकी कुल देनदारी 25 हजार करोड़ रुपए है। ज्यादा कर्ज होने के कारण कंपनी की साख को भी काफी नुकसान हुआ है।


17 अप्रैल को बंद की थी उड़ानें

आपको बता दें कि देश की सबसे पुरानी प्राइवेट एयरलाइन ने 17 अप्रैल को अपनी सभी उड़ानें बंद कर दी थीं क्योंकि कंपनी के पास रोज के खर्च के लिए भी पैसे नहीं थे और सभी बैंकों ने कंपनी को कर्ज देने से इनकार कर दिया था, जिसके कारण कंपनी जमीन पर आ गई। कंपनी के बंद हो जाने से लाखों कर्मचारियों पर नौकरी का संकट आ गया। इसके साथ ही कई कर्मचारियों को लंबे समय से कंपनी की ओर से वेतन नहीं मिला था, जिसके कारण सभी कर्मचारियों की जिंदगी संकट में पड़ गई।

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