फेसबुक ने बंद किए 58 करोड़ अकाउंट, एेसा करने पर आप भी हो सकते हैं इस लिस्ट में शामिल

फेसबुक ने बंद किए 58 करोड़ अकाउंट, एेसा करने पर आप भी हो सकते हैं इस लिस्ट में शामिल

| Publish: May, 17 2018 07:13:20 PM (IST) कॉर्पोरेट

यदि आप फेसबुक पर नस्लीय, जातीय या अडल्ट कंटेट पोस्ट करते हैं तो सावधान हो जाएं। एेसा करने पर फेसबुक कभी भी आपका अकाउंट बंद कर सकता है।

नई दिल्ली। यदि आप फेसबुक पर नस्लीय, जातीय या अडल्ट कंटेट पोस्ट करते हैं तो सावधान हो जाएं। आप तुरंत एेसा करना बंद कर दें, नहीं तो फेसबुक कभी भी आपका अकाउंट बंद कर सकता है। फेसबुक की ओर से हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, उसने इस साल के शुरुआती 3 महीनों में दुनियाभर में 58.3 करोड़ फेक अकाउंट बंद किए हैं। इन फेक अकाउंट को बनने के कुछ घंटे बाद ही बंद कर दिया गया है। फेसबुक की ओर से यह कार्रवाई इन अकाउंट पर प्रतिबंधित कंटेट पोस्ट करने पर की गई है। इसमें स्पैम और हेट स्पीच जैसी पोस्ट भी शामिल हैं। हालांकि, फेसबुक की ओर से इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि बंद किए गए अकाउंट किन देशों से संबंधित रहे हैं। फेसबुक की ओर से जारी की गई इस रिपोर्ट को साल में दो बार जारी किया जाता है।

फेसबुक की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने की पहचान

सोशल साइट फेसबुक पर स्पैम और हेट स्पीच के मामले बढ़ने के कारण दुनियाभर में इसकी आलोचना हो रही है। कई देशों की सरकारों ने इस पर सवाल उठाए हैं। एेसे में कंपनी अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्रभावी तरीके से लागू कर रही है। आंकड़ों के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने 837 मिलियन स्पैम और 2.5 मिलियन हेट स्पीच के मामलों पर काम किया है। फेसबुक की ओर से जारी रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लागू करने के तरीकों के बारे में भी बताया गया है।

96 फीसदी अडल्ट मामलों की पहचान

फेसबुक की ओर से जारी रिपोर्ट में यह भी दर्शाया गया है कि उसका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कितनी अच्छी तरह से उन चीजों की पहचान करती है जो नियमों का उल्लंघन करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार उसकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से करीब 100 फीसदी स्पैम और 96 फीसद एडल्ट न्यूडिटी के मामलों की पहचान की गई है। हालांकि, हेट स्पीच के बारे में बात करें तो यह तकनीक केवल 38 फीसद मामलों की ही पहचान कर सकी है।

हाल ही में लगे थे डाटा लीक के आरोप

आपको बता दें कि हाल ही में फेसबुक पर अपने करीब 5 करोड़ यूजर्स का डाटा लीक करने का आरोप लगा था। इस डाटा को लीक करने के लिए लंदन की कैंब्रिज एनालिसिस को जिम्मेदार ठहराया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद दुनियाभर में फेसबुक की आलोचना हुई थी। बाद में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने खुद सफाई देने हुए सुरक्षा प्रबंध बढ़ाने की बात कही थी।

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