ILFS ने अच्छी रेटिंग पाने के लिए गिफ्ट किए महंगे तोहफे, फर्जीवाड़े में क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां भी शामिल

ILFS ने अच्छी रेटिंग पाने के लिए गिफ्ट किए महंगे तोहफे, फर्जीवाड़े में क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां भी शामिल

Shivani Sharma | Updated: 20 Jul 2019, 02:48:07 PM (IST) कॉर्पोरेट

  • ILFS ने अच्छी रेटिंग पाने के लिए कई लोगों को महंगे उपहार दिए
  • IL&FS और इस ग्रुप की दूसरी कंपनियों में 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया

नई दिल्ली। लंबे समय से वित्तीय संकट से जूझ रही आईएलएफएस ( ILFS ) ने अपनी रेटिंग को सुधारने के लिए एजेंसियों के बड़े अधिकारियों, प्रबंधकों और उनके परिवार के सदस्यों को रीयल मैड्रिड के फुटबाल मैच की टिकटें, लक्जरी विला पर भारी छूट, कमीजें, फिटबिट बैंड जैसे कई महंगे तोहफे दिए हैं। आईएलएफएस घोटाले से जुड़ी जांच में यह बात सामने आई है। दो रेटिंग एजेंसियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने उनके मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को लंबी छुट्टी पर भेज दिया है।


अच्छी रेटिंग पाने के लिए दिए गिफ्ट

जांच में खुलासा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि हाई रेटिंग पाने के लिए आईएलएंडफएस के प्रबंधन में शामिल पूर्व शीर्ष अधिकारियों द्वारा रेटिंग एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों को कई तरह के लालच देने के संदिग्ध प्रयास की जानकारी भी सामने आई है। सरकार द्वारा नियुक्त आईएलएफएस के नए निदेशक मंडल ने ग्रांट थॉर्टन को कंपनी के फॉरेंसिक ऑडिट का काम सौंपा था। इस जांच में समूह द्वारा करीब 90,000 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान में असफल रहने और समूह के पिछले शीर्ष प्रबंधन द्वारा संदिग्ध तौर पर गलत काम करने की पहचान हुई है।


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जांच में हुआ खुलासा

कंपनी की फोरेंसिक जांच कर रही ग्रांट थोर्टन ने IL&FS अधिकारियों और क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के बीच ई-मेल की जांच की है। इससे पता चला है IL&FS के अधिकारियों और रेटिंग एजेंसियों के मैनजरों में मिलीभगत थी, जिसकी वजह से रेटिंग एजेंसियों को जरूरत से ज्यादा ऊंची रेटिंग मिली। आपको बता दें कि आईएलएफएस समूह को रेटिंग देने वालों में केयर, इक्रा, इंडिया रेटिंग्स और ब्रिकवर्क एजेंसियां प्रमुख हैं।


विला खरीदवाने में भी दिलाई छूट

जांच में पाया गया कि आईएलएंडफएस फाइनेंशियल सर्विसेज के पूर्व मुख्य कार्यकारी रमेश बावा ने दक्षिण एशिया के संस्थान प्रमुख अंबरीश श्रीवास्तव की पत्नी को एक विला खरीदने में मदद की है। इसके साथ ही उनको विला खरीदवाने में भारी छूट भी दी गई है। बावा ने यूनिटेक लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय चंद्रा से निजी तौर पर इसमें शामिल होकर श्रीवास्तव की पत्नी के मामले को सुलझाने के लिए कहा। श्रीवास्तव की पत्नी को इस विला की खरीद पर देरी से भुगतान को लेकर ब्याज के मामले का सामना करना पड़ा था।


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20 हजार करोड़ का किया निवेश

म्यूचुअल फंड, प्रॉविडेंट फंड और इंश्योरेंस फंड्स ने IL&FS और इस ग्रुप की दूसरी कंपनियों में 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया था। पिछले महीने सरकार ने ऑडिट फर्म डेलायट हैसकिन एंड सेल्स और बीएसआरए एंड कंपनी को IL&FS के फंसे हुए लोन छिपाने के मामले में पांच साल के लिए बैन करने की प्रक्रिया शुरू की थी।

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