जेट एयरवेज ने भरी अंतिम उड़ान, 22,000 कर्मचारियों की नौकरी पर सकंट

जेट एयरवेज ने भरी अंतिम उड़ान, 22,000 कर्मचारियों की नौकरी पर सकंट

Manish Ranjan | Publish: Apr, 17 2019 07:02:20 PM (IST) | Updated: Apr, 18 2019 01:41:26 PM (IST) कॉर्पोरेट

  • जेट एयरवेज की सभी उड़ानें स्थगित
  • रात 10.30 बजे भरी अंतिम उड़ान
  • 400 करोड़ के वित्तीय संकट से जूझ रही है कंपनी

नई दिल्ली। जेट एयरवेज अपनी सभी उड़ानें स्थगित कर दी है। कंपनी ने अपनी अंतिम उड़ान कल रात 10.30 बजे भरी, जो अमृतसर से मुंबई के लिए थी। । जेट एयरवेज की उड़ानें बंद करने का निर्णय उसने संचालन के जरूरी न्यूनतम अंतरिम कोष 400 करोड़ रुपये जुटाने में विफल रहने पर लिया है।

22 हजार लोगों की नौकरी पर खतरा

यदि कंपनी बंद होती है तो 22 हजार लोगों की नौकरी चली जायेगी। कर्मचारी इससे पहले मुंबई में भी इसी तरह का प्रदर्शन कर चुके हैं जहां कंपनी का मुख्यालय है। उल्लेखनीय है कि पिछले कैलेंडर वर्ष में 4,244 करोड़ रुपये का नुकसान उठा चुकी कंपनी ने जनवरी से पायलटों, रखरखाव अभियंताओं और प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों को वेतन नहीं दिया है। अन्य कर्मचारियों को आंशिक वेतन दिया जा रहा था, लेकिन उन्हें भी मार्च का वेतन अब तक नहीं मिला है।

नहीं जुटा सकी 400 करोड़

वित्तीय संकट से जूझ रही जेट एयरवेज ( Jet Airways ) ने अस्थायी रूप से कंपनी को बंद करने के लिए कर्जदाताओं से 400 करोड़ रुपये की अंतरिम निधि की मांग की थी। सूत्रों के मुताबिक कंपनी यह रकम जुटा नहीं पाई। जिसके चलते जेट ने वर्तमान परिचालन बेड़ा घटकर पांच विमानों का रह गया है। नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला के मुताबिक, एयरलाइन ने मंगलवार को केवल पांच विमानों का ही संचालन किया, जबकि एक दिन पहले इसकी संख्या सात थी। वर्तमान नियमों के तहत किसी एयरलाइन को अपने एयर परिचालन परमिट को जारी रखने के लिए कम से कम पांच विमानों का परिचालन करने की जरूरत है।

गुरुवार को जंतर-मतंर पर प्रदर्शन

वित्तीय संकट में घिरी निजी विमान सेवा कंपनी जेट एयरवेज के कर्मचारी एयरलाइंस को बचाने के लिए सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कल यानी गुरुवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।
पायलट तथा विमान रखरखाव अभियंताओं के संगठनों के अनुसार दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वाले कंपनी के सभी कर्मचारियों से कल दोपहर दो बजे जंतर-मंतर पर एकत्रित होने का आह्वान किया है। कर्मचारी सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि वह ठप होने की कगार पर आ चुकी एयरलाइंस को बचाने के लिए हस्तक्षेप करे।

 

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