मेहुल चौकसी ने खुद को बताया निर्दोष, कहा - PNB घोटाले में शामिल किसी भी कंपनी से नहीं मेरा मतलब

मेहुल चौकसी ने खुद को बताया निर्दोष, कहा - PNB घोटाले में शामिल किसी भी कंपनी से नहीं मेरा मतलब

Shivani Sharma | Updated: 28 Mar 2019, 12:42:42 PM (IST) कॉर्पोरेट

  • पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक मेहुल चोकसी ने किया बड़ा खुलासा।
  • चोकसी ने खुद को बचाने के लिए किया खुलासा।
  • चोकसी ने कहा जिन कंपनियों के खिलाफ जांच चल रही है मेरा उन कंपनियों से कोई मतलब नहीं है।

नई दिल्ली। पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक मेहुल चोकसी ने बुधवार को खुद को बचाते हुए कहा कि जिन कंपनियों के खिलाफ जांच चल रही है मेरा उन कंपनियों से कोई मतलब नहीं है। उनमें मेरा किसी भी तरह का हिस्सा नहीं है। वह इन कंपनियों से साल 2000 में ही अलग हो गए थे और उन्होंने बैंक को इस बारे में सूचना भी दे दी थी।

 

 

चोकसी ने दी जानकारी

आपको बता दें कि चोकसी के वकीलों द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि उनके खिलाफ छापे एक पुराने दस्तावेज ‘अपने ग्राहक को जानो ( केवाईसी )’ के आधार पर मारे गए। उन्होंने वह दस्तावेज 1995 में पंजाब नेशनल बैंक को सौंपा था। बैंकों ने मेरी जानकारी को अपडेट नहीं किया। इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। इसके बाद से ही जांच एजेंसियां मेरे पीछे पड़ गई हैं। चोकसी ने कहा मैं अपने कर्ज चुकाना चाहता हूं। लेकिन संपत्ति फ्रीज होने से नहीं चुका पा रहा हूं।


बयान में दी जानकारी

इसके साथ ही उन्होंने बयान में जानाकरी देते हुए बताया कि ‘चोकसी ने कई बार केवाईसी में सुधार के लिए कहा था। वह उस किसी भी कंपनी में भागीदार नहीं हैं, जो कथित घोटाले के कारण जांच के घेरे में है। वास्तव में चोकसी ने 2000 में ही इन कंपनियों से नाता तोड़ दिया था। उसने कहा कि संपत्ति जब्त होने के कारण वह कर्ज लौटाने की स्थिति में नहीं है। बयान के अनुसार, ‘इस परिस्थिति में चोकसी से किसी भी बकाये कर्ज को चुकाने की उम्मीद नहीं की जा सकती। चोकसी 25 साल तक पीएनबी का ग्राहक रहा और एक बार भी कर्ज लौटाने में उससे चूक नहीं हुई।’


Pnb अधिकारियों के साथ की बैठक

चोकसी की ओर से जारी इस बयान में कहा गया है कि चोकसी ने पीएनबी अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें उसे यह संकेत दिया गया कि मामले को सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटा दिया जाएगा। लेकिन पीएनबी अधिकारियों ने बार बार उसके आग्रह को नजरअंदाज किया और पुराने केवाईसी दस्तावेज को अपने आरोपों का आधार बनाया।

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