7000 करोड़ की नई मुसीबत में फंसे अनिल अंबानी, महाराष्ट्र सरकार बन रही है वजह

7000 करोड़ की नई मुसीबत में फंसे अनिल अंबानी, महाराष्ट्र सरकार बन रही है वजह

Manish Ranjan | Updated: 29 Jun 2019, 03:37:09 PM (IST) कॉर्पोरेट

अनिल अंबानी की बढ़ सकती है मुश्किलें, वर्सोवा बांद्रा सी लिंक प्रोजेक्ट पर सरकार की नजर

नई दिल्ली। देश के बड़े कारोबारियों में शुमार अनिल अंबानी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। अनिल अंबानी पर ये नई मुसीबत एक दो करोड़ नहीं बल्कि पूरे 7000 करोड़ की है। दरअसल अनिल की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ( Reliance Infra ) को अभी हाल ही में बर्सोवा-बांद्रा सी लिंक का प्रोजेक्ट मिला था। कंपनी इस प्रोजेक्ट पर का रही है। लेकिन महाराष्ट्र स्टेट रोड डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन ( एमएसआरडीसी ) का कहना है कि वह कंपनी की गतिविधियों पर करीबी नजर रख रही है। अगर कंपनी ने तय समयसीमा में काम पूरा नही किया तो कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि कंपनी का कहना है कि वो तय समय पर काम को पूरा कर देगी।

कैसे पूरा होगा समय पर काम

कंपनी ने तो कह दिया है कि वो तय समय पर काम को पूरा कर लेगी। लेकिन रिलायंस इंफ्रा समेत अनिल अंबानी की कई कंपनियां लगातार कर्ज का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। आपको बता दें कि अनिल अंबानी की जिस कंपनी रिलायंस इंफ्रा को इस का ठेका मिला है, उस कंपनी को पिछले साल की चौथी तिमाही में ऐतिहासिक घाटा हुआ था। जिसके चलते खुद कंपनी के ऑडिटरों ने ही कंपनी की क्षमता पर सवाल उठाए हैं। रिलायंस ग्रुप की विपरीत वित्तीय परिस्थितियों का असर महाराष्ट्र सरकार की वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक प्रॉजेक्ट पर भी पड़ने की आशंका है। पिछले वर्ष रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर को इस प्रॉजेक्ट का ठेका मिला था।

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पहले भी 5000 करोड़ के प्रोजेक्ट से धोना पड़ा हाथ

कंपनी की वित्तीय स्थिति ठीक न होने के चलते कंपनी 5,000 करोड़ रुपये के वर्ली-हाजी अली सी लिंक प्रॉजेक्ट से बाहर निकल गई थी। इस प्रोजेक्ट पर रिलायंस इंफ्रा का दो साल तक महाराष्ट्र सरकार से विवाद चला था। मुंबई की पहली मेट्रो लाइन बनाने वाली इस कंपनी को चारकोप-बांद्रा-मानखुर्द रूट पर मेट्रो लाइन 2 से भी हटना पड़ा था। जिसका कारण सरकार की ओर से रखी गई कई शर्तों पर कंपनी का खरा नहीं उतर पाना था। आपको बता दें कि अमिल की कंपनी रिलायंस इन्फ्रा को इन दोनों प्रॉजेक्ट्स में डिवेलपर की भूमिका मिली थी।

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60 महीनों का मिला है समय

वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए रिलायंस इंफ्रा को 60 महीनों का समय दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक कंपनी को टाइमलाइन के हिसाब से काम पूरा कर के देना है। अगर कंपनी ऐसा नहीं कर पाती है तो कंपनी पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

 

 

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