अब ई-व्हीकल बाजार मे टाटा और महिन्द्रा आमने-सामने, बड़े निवेश की योजना

manish ranjan

Publish: Oct, 07 2017 09:25:39 AM (IST)

कॉर्पोरेट
अब ई-व्हीकल बाजार मे टाटा और महिन्द्रा आमने-सामने, बड़े निवेश की योजना

इलेक्ट्रिक बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए महिंद्रा अगले पांच सालों में 3500 से 4000 करोड़ का निवेश करेगी।

नई दिल्ली। टाटा और महिन्द्रा अब बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल के बाजार में उतरने की तैयारी में है। नितिन गडकरी के 2030 तक पेट्रोल और डीजल गाडिय़ों को फेज आउट करने के बयान के बाद इन दोनों कंपनियों ने तैयारी शुरू कर दी है। इलेक्ट्रिक बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए महिंद्रा अगले पांच सालों में 3500 से 4000 करोड़ का निवेश करेगी। वहीं, टाटा मोटर्स और ब्रिटेन में इसके दो प्रीमियम ब्रांड जगुआर लैंड रोवर भविष्य में प्रगति के लिए वैकल्पिक र्ईंधन तकनीक मसलन फ्यूल सेल, इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हालांकि टाटा मोटर्स ने पहले से ही हाइब्रिड इलैक्ट्रिक, सीएनजी हाइब्रिड और सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को विकसित कर लिया है, वहीं जगुआर लैंड रोवर ने चालकों के बिना चलने वाली गाडिय़ों के अलावा इस तरह की तकनीक में आगे निवेश करने का फैसला लिया है। ऑटो एक्सपर्ट के मुताबिक महिन्द्रा पहले से ही बड़ा खिलाड़ी है। टाटा के आने से मुकाबला और दिलचस्प होगा। आने वाले समय में कीमतें कम होने की उम्मीद है।


महिंद्रा लॉन्च करेगी दो नए इलेक्ट्रिक वाहन

इलेक्ट्रिक कार बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कहा है कि वह दो नए इलेक्ट्रिक वाहन बना रही है, जिन्हें वह अगले दो साल में बाजार में उतारेगी। कंपनी फिलहाल तीन इलेक्ट्रिक मॉडल ई-वेरिटो, E2O प्लस व ई-सुपरो बेच रही है। इसके साथ ही कंपनी ने अपनी इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन क्षमता को 500 से बढ़ाकर 5000 इकाई प्रति माह हो।


पेट्रोल पर 60% खर्च घटाने की योजना

सरकारी मंशा है कि पेट्रोल पर होने वाले खर्च को 60 फीसदी तक कम किया जाए और इसलिए कंपनियों को इस सेगमेंट मे निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्बन उत्सर्जन एक दूसरी सरकारी चिंता है जिससे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के माध्यम से सरकार निपटना चाहती हैं। गडकरी के बयान के बाद ऐसी उम्मीद है की और भी ऑटो कंपनियां ई-वहीकल में जल्द कदम रखेंगी।


वैश्विक ऑटो कंपनियों से बेहतर

देसी कार बाजार की दो कंपनियों टाटा मोटर्स और महिंद्रा ने इलेक्ट्रिक कार के मामले में अपनी वैश्विक समकक्ष कंपनियों के मुकाबले बेहतर शुरुआत की है। देश की तीन अग्रणी कार कंपनियों की सूची से बाहर रही टाटा मोटर्स एक साल के भीतर इलेक्ट्रिक कार के क्षेत्र में सबसे बड़ी कंपनी के तौर पर उभर सकती है। सुजूकी, टोयोटा, और होंडा जैसी वैश्विक कंपनियां बोली नहीं लगा पाईं क्योंकि वे ऐसी कारों के साथ तैयार नहीं थी। वैश्विक कंपनियों में से सिर्फ निसान ने ही निविदा में बोली लगाई।

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