वाडिया ने टाटा संस, रतन टाटा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया

वाडिया ने टाटा संस, रतन टाटा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया
nusli wadia

टाटा मोटर्स के स्वतंत्र निदेशक पद से हटाए जाने के कुछ घंटों बाद मशहूर उद्योगपति नुस्ली एन.वाडिया ने शुक्रवार को टाटा संस, रतन टाटा तथा इसके निदेशकों के खिलाफ आपराधिक मानहानि का एक मुकदमा दायर किया। नुस्ली के वकील अबद पोंडा ने बालार्ड पायर की 36वीं अदालत के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत के समक्ष मुकदमा दर्ज कराया।

मुंबई,  टाटा मोटर्स के स्वतंत्र निदेशक पद से हटाए जाने के कुछ घंटों बाद मशहूर उद्योगपति नुस्ली एन.वाडिया ने शुक्रवार को टाटा संस, रतन टाटा तथा इसके निदेशकों के खिलाफ आपराधिक मानहानि का एक मुकदमा दायर किया। नुस्ली के वकील अबद पोंडा ने बालार्ड पायर की 36वीं अदालत के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत के समक्ष मुकदमा दर्ज कराया।


3,000 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा 


इस कदम के एक सप्ताह पहले ही उन्होंने टाटा संस तथा अन्य के खिलाफ 3,000 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। आपराधिक मुकदमे में वाडिया ने आरोप लगाया है कि सभी आरोपियों ने व्यक्तिगत तथा सामूहिक रूप से उनकी मानहानि के इरादे से गलत, ओछी, निराधार, अपमानजनक तथ्यों का प्रकाशन तथा वितरण किया, जिससे सही सोचने वाले लोगों के बीच उनकी प्रतिष्ठा व छवि धूमिल हुई। 

उन्होंने कहा कि टाटा समूह की तीन कंपनियों से उन्हें बाहर निकालने के लिए टाटा संस के लेटरहेड पर विशेष नोटिस भेजा गया, जिसपर मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) तथा कंपनी सचिव एफ.एन. सुबेदार के हस्ताक्षर हैं, इसलिए मानहानि की सामग्री प्रकाशित करने तथा उसे फैलाने को लेकर आरोपियों के नामों को मानहानि के लिए जवाबदेह ठहराया जा सकता है।

वाडिया ने अदालत से अनुरोध किया कि मुकदमे में जिन आरोपियों के नाम लिए गए हैं, उनके द्वारा किए गए अपराध पर वह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की निश्चित धाराओं के तहत संज्ञान ले।

 

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned