मुकेश अंबानी नहीं बल्कि ये है इस अरबपति ने टेस्ला के मालिक एलन मस्क को दे डाली है ये बड़ी चुनौती

मुकेश अंबानी नहीं बल्कि ये है इस अरबपति ने टेस्ला के मालिक एलन मस्क को दे डाली है ये बड़ी चुनौती

Ashutosh Kumar Verma | Publish: Aug, 24 2018 11:34:29 AM (IST) कॉर्पोरेट

एलन मस्क ने दुनिया की सबसे बड़ी लिथियम बैटरी को हाॅर्न्सडेल पावर रिजर्व में बनाया था। ये बैटरी 100MW/129MWh क्षमता की थी।

नर्इ दिल्ली। आस्ट्रेलिया अब रिन्युएबल एनर्जी के लिए नया बैटलग्राउंड बनता जा रहा है आैर इसके लिए कर्इ अच्छे कारण हैं। सबसे चौकने बात तो ये है कि पहले इस क्षेत्र में एलन मस्क की टेस्ला का वर्चस्व था लेकिन अब इसमें एक दूसरा नाम भी अब जुड़ चुका है। दरअसल भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक आैर अरबपति संजीव गुप्ता भी इस फील्ड में कूद पड़े हैं। पिछले साल ही एलन मस्क ने दुनिया की सबसे बड़ी लिथियम अायन बैटरी को हाॅर्न्सडेल पावर रिजर्व में बनाया था। ये बैटरी 100MW/129MWh क्षमता की थी। ये अब तक दुनिया की सबसे बड़ी लिथियम आयन बैटरी है। जब ये बैटरी पूरी तरह से चार्ज हो जाती है तो कम से कम 30,000 घरों के लिए पर्याप्त उर्जा उपलब्ध कराती है। इस बैटरी को करीक 1 हेक्टेयर जमीन पर बनाया गा है जो कि जेम्सटाउन के से 15 किलोमीटर दूर हाॅर्न्सडेल विंड फार्म मे हैं।


7 हजार करोड़ रुपये का करेंगे निवेश
लेकिन अब खबर आ रही है कि संजीव गुप्ता एलन मस्क की इसको लेकर आैर बड़ी चुनौती पेश करने की तैयारी में है। दरअसल संजीव गुप्ता भी एलन मस्क द्वारा तैयार की गर्इ इस बैटरी से भी अधिक बड़ी बैटरी बनाने वाले हैं। इस क्षमता की बात करें तो संजीव गुप्ता द्वारा बनाये जाने वाले इस बैटरी की क्षमता 140MW होगी। सूत्रों की मानें तो संजीव गुप्ता ने इस प्रोजेक्ट को दक्षिण आॅस्ट्रेलिया में शुरु किया है। इसके लिए संजीव गुप्ता 1 अरब डाॅलर (करीब 7 हजार करोड़ रुपये ) खर्च करने वाले हैं। इस प्रोजेक्ट को संजीव गुप्ता की सिमेक जेन एनर्जी के तहत तैयार किया जाएगा।


कितना बड़ा है संजीव गुप्ता
बता दें कि संजीव गुप्ता ब्रिटेन लिबर्टी के संस्थापक हैं। कुछ समय पहले ही गुप्ता की GFG Alliance ने एडीलेड की जेन एनर्जी को मेजाॅरिटी स्टेक खरीदा लिया है जिसके बाद इसका नाम सिमेक जेन एनर्जी रखा गया है। GFG Alliance का हेडक्वार्टर लंदन में है जिसकी स्थापन गुप्ता परिवार ने किया है। इस बिजनेस से गुप्ता परिवार को करीब 15 बिलियन डाॅलर (105 हजार करोड़ रुपये ) का राजस्व मिलता है। इस कंपनी में करीब 14,000 कर्मचारी काम करते हैं।

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