Bhushan Steel Case: 70 हजार पन्नों की चार्चशीट और 284 लोग आरोपी, अब होगी देश की सबसे बड़ी सुनवाई

Bhushan Steel Case: Serious Fraud Investigation Office ने अदालत में 70 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें 284 लोगों को आरोपी बनाया है। चार्जशीट में 45,818 करोड़ रुपए के फंड के डायवर्जन की बात कही गई है।

By: Saurabh Sharma

Published: 10 Jul 2019, 03:41 PM IST

नई दिल्ली। देश में आपने कई मामले सुने होंगे, कई मामलों को आपने घिनौना कहा होगा तो कुछ खतरनाक। देश में एक ऐसा भी मामला सामने आया है, जिसमें जांच टीम को 70 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल करनी पड़ी है। ताज्जुब की बात तो ये है कि मामले में 284 लोगों को दोषी बनाया गया है। यह मामला कोई और नहीं बल्कि भूषण स्टील केस ( Bhushan Steel Case ) है। जिसमें Serious Fraud Investigation Office ( SFIO ) ने जांच कर चार्जशीट दाखिल की है। अब यह देश का सबसे बड़ा मामला बन गया है। जिसपर कोर्ट को सुनवाई करनी है। आखिर यह क्यों देश का सबसे बड़ी सुनवाई होने जा रही है, आइए आपको भी बताते हैं...

यह भी पढ़ेंः- भारत पर फिर से बरसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, कहा-अमरीकी उत्पादों पर शुल्क बर्दाश्त से बाहर

अटेंडेंस दर्ज करने में ही लग जाएंगे पौने पांच घंटे
सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस ( एसएफआईओ ) ने इस मामले में 284 लोगों को आरोपी बनाया है। जब कोर्ट में सभी आरोपी पेश होंगे और उनकी अटेंडेंस ली जाएगी तो एक मिनट प्रति आरोपी के हिसाब से 4 घंटे 45 मिनट तो अटेंडेंस में लग सकते हैं। वहीं दूसरी ओर केस जुड़े लोगों की बात करें तो एक आरोपी पर एक वकील मानते हुए करीब 600लोग आ सकते हैं। यानी कोर्ट ऐसी होनी चाहिए जहां पर 600 लोगों के आने की व्यवस्था हो। वहीं जज के सामने सबसे बड़ी चुनौती 70 हजार पेजों में दर्ज सबूतों पर नजर दौड़ाने की होगी।

यह भी पढ़ेंः- Petrol Diesel Price Today: एक दिन की कटौती के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर, जानिए अपने शहर के दाम

2 करोड़ पेज कराने होंगे कॉपी
एसएफआईओ द्वारा 284 लोगों एवं संस्थाओं को आरोपी बनाया है। सीआरपीसी की धारा 207 के अनुसार हर आरोपी को चार्जशीट की कॉपी देनी होती है। अगर एजेंसी को हर आरोपी को कॉपी देनी पड़ी तो 2 करोड़ रुपए पेज कॉपी करानी होगी। अगर 50 पैसे प्रति कॉपी के हिसाब से कीमत लगाई जाए जो एजेंसी को एक करोड़ रुपए से ज्यादा तो कॉपी कराने में खर्च करने पड़ सकते हैं।

यह भी पढ़ेंः- Share Market Opening: शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स में 90 अंकों की बढ़त

चार्जशीट की मुख्य बातें
- चार्जशीट में 45,818 करोड़ रुपये के फंड के डायवर्जन की जानकारी दी गई है।
- इस डायवर्जन में बैंकों और आर्थिक संस्थाओं को 20,879 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
- कंपनी के पूर्व प्रमोटर्स ने 3,500 करोड़ रुपए का गलत फायदा लिया था।
- स्स्नढ्ढह्र ने आरोप लगाया है कि स्टैचुटरी ऑडिटर्स ने पूर्व प्रमोटर्स के साथ 'सांठगांठ' की थी।
- जांच के अनुसार आरोपी बृज भूषण सिंघल और नीरज सिंघल ने 157 कंपनियां बनाकर उनका इस्तेमाल फंड के डायवर्जन के लिए प्रॉपर्टीज खरीदने में किया था।
- 157 कंपनियों में से 62 कथित तौर पर आरोपी पूर्व प्रमोटर्स ने बनाई थी।
- 85 कंपनियों का इस्तेमाल मैनपावर सप्लाई करने या क्चस्रु से फंड के डायवर्जन के लिए हुआ था।
- आठ कंपनियां उस समय कथित तौर पर फंड के डायवर्जन का जरिया थी जब कंपनी के खिलाफ बैंकरप्सी की प्रक्रिया चल रही थी।

 

Business जगत से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर और पाएं बाजार, फाइनेंस, इंडस्‍ट्री, अर्थव्‍यवस्‍था, कॉर्पोरेट, म्‍युचुअल फंड के हर अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News App.

Saurabh Sharma Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned