आरबीआई रिपोर्ट में खुलासा, छोटी कंपनियों के बिगड़ेे वित्तीय हालात

manish ranjan

Publish: Oct, 04 2017 10:39:08 (IST)

Corporate
आरबीआई रिपोर्ट में खुलासा, छोटी कंपनियों के बिगड़ेे वित्तीय हालात

आरबीआई का कहना है कि छोटी कंपनियों की वित्तीय स्थिति कमजोर होने से बैंकों के एनपीए कम करने की प्रक्रिया को भी आगे झटका लगेगा।

नई दिल्ली। देश में छोटी और मध्यम आकार वाली कंपनियों की वित्तीय स्थिति नाजुक स्थिति मेें पहुंच गई है। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के च्गैर-बैंक निधि स्रोतों और भारतीय कंपनियोंज् पर किए गए अध्ययन रिपोर्ट में दी गई है। आरबीआई के अनुसार छोटी और मध्यम आकार वाली कंपनियों फंड की जरूरत को पूरा करने के लिए बांड और सीपी (वाणिज्यक पत्र) की ओर रुख कर रही हैं। आरबीआई का कहना है कि छोटी कंपनियों की वित्तीय स्थिति कमजोर होने से बैंकों के एनपीए कम करने की प्रक्रिया को भी आगे झटका लगेगा। आरबीआई डाटा के अनुसार अगस्त महीने में छोटे और मध्यम आकार वाली कंपनियों पर बैंकों का कर्ज 0.8 फीसदी बढक़र 3,57,100 करोड़ रुपए पहुंच गया जो पिछले साल इसी समय 354,300 करोड़ रुपए था।


एसएमई पर सबसे ज्यादा मार

अगस्त में आई आरबीआई के एक दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी और वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू होने का सबसे बुरा असर छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों पर हुआ है। इन कंपनियों की बिक्री और मुनाफा औधेंमुह गिरा है। रिपोर्ट के मुताबिक जिन कंपनियों का सालाना टर्नओवर 25 करोड़ रुपए से कम है, उनकी बिक्री मार्च 2017 की तिमाही में 57.6 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, मार्च तिमाही में 726 कंपनियों की इबिटा मार्जिन में 122.3 फीसदी की गिरावट आई। जीएसटी एक्सपट्र्स का कहना है कि बड़ी कंपनियों ने जीएसटीएन के तहत पंजीकरण किया है लेकिन उनके लिए वेंडर का काम करने वाली छोटी कंपनियां अपने बहुत कम मुनाफे के कारण पंजीकरण से बच रही हैं।


छोटी कंपनियों की समस्या हुई गंभीर

एडवायजरी मंडी.कॉम के फाउंडर कौशलेंद्र सिंह नेे बताया कि जीएसटी से कंपनियों की लागत घटने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन अब इसके अल्टा हो रहा है। छोटे और मध्य आकार वाली कंपनियों की समस्या और भी गंभीर है क्योंकि बड़ी कंपनियां आपूर्ति की जाने वाली वस्तुओं पर कर की भरपाई की वजह से भुगतान रोक रहे हैं। इससे जीएसटी लागू होने के बाद से छोटी कंपनियों का भुगतान अटक रहा है।

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