TATA ग्रुप ने दिया लोकसभा चुनाव के लिए 600 करोड़ का चंदा, सबसे ज्यादा गया BJP के खाते में

TATA ग्रुप ने दिया लोकसभा चुनाव के लिए 600 करोड़ का चंदा, सबसे ज्यादा गया BJP के खाते में

Shivani Sharma | Updated: 01 May 2019, 04:55:34 PM (IST) कॉर्पोरेट

  • टाटा ने 500 से 600 करोड़ रुपए का दिया चंदा
  • इसमें सबसे ज्यादा भाग बीजेपी को मिलेगा
  • कंपनी ने चंदा देने के लिए बनाया प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट

नई दिल्ली। हाल ही में देश में लोकसभा चुनाव का आगाज हुआ है, जिसमें सभी पार्टियां अपना दमखम लगाने में लगी हुई हैं। वहीं, देश की दिग्गज कंपनी TATA ने 500 से 600 करोड़ रुपए का चंदा दिया है। इसमें टाटा समूह ने सबसे ज्‍यादा चंदा भारतीय जनता पार्टी ( बीजेपी ) को दिया है। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार माना जा रहा है कि कुल रकम का आधे से ज्‍यादा हिस्सा BJP के खाते में आएगा।


चंदा देने के लिए बनाया प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट

आपको बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव से अब तक यानी 2019 के चुनाव तक टाटा ने सबसे ज्यादा चंदा दिया है और टाटा ने 2019 में राजनीतिक पार्टियों को जो चंदा दिया वह 2014 में दिए गए चंदे से 20 गुना ज्यादा है। टाटा समूह ने राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए एक प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट बनाया है। इसी के माध्यम से कंपनी सभी राजनीतिक दलों को चंदा देती है।


बीजेपी को मिला सबसे ज्यादा चंदा

साल 2014 में समूह ने सभी दलों को कुल 25.11 करोड़ रुपए का चंदा दिया था। वहीं, इस बार कंपनी की ओर से 500 से 600 करोड़ रुपए का चंदा दिया गया है। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा बीजेपी को दिया गया है। वहीं, करीब 150 से 200 करोड़ रुपए का चंदा तृणमूल कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, सीपीआईएम और एनसीपी जैसी अन्य पार्टियों को दिया गया है। कंपनी ने जानकारी देते हुए बताया कि वह सदन में सदस्यों की संख्या के हिसाब से चंदा देती है, जिसके पास जितनी सीट होती है उसको उस हिसाब से चंदा दिया जाता है। इसलिए सबसे ज्यादा सीट वाली बीजेपी को सबसे ज्यादा चंदा मिला है।


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2014 में दिया था 1.48 करोड़ का चंदा

बता दें कि टाटा की सभी कंपनियां सबसे पहले चंदा देने वाले पैसे को प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट में जमा करती हैं। इसके बात में यह निर्णय ट्रस्ट के द्वारा लिया जाता है कि वह किसी पार्टी को कितना चंदा देगी। साल 2014 में सॉफ्टवेयर कंपनी टीसीएस यानी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने 1.48 करोड़ रुपए को इसी ट्रस्ट के पास जमा कराया था। वहीं, इस बार टाटा की TCS ने 220 करोड़ रुपए का चंदा जमा कराया है।


टाटा की इन कंपनियों ने दिया योगदान

TCS के अलावा इसमें टाटा की और भी कई कंपनियों का योगदान रहता है। टाटा ग्रुप की दूसरी टाटा संस , टाटा मोटर्स , टाटा पॉवर और टाटा ग्लोबल बेवरेज लिमिटेड जैसी कंपनियों ने भी ग्रुप के चंदा ट्रस्ट यानी प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट में पैसा जमा किया है। एडीआर से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2004-05 से 2017-18 के दौरान कुल 9,278.3 करोड़ रुपए का चंदा मिला है, जिसमें से 6,612.42 करोड़ रुपए का चंदा पार्टियों को अज्ञात स्रोतों से मिला है।

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