कॉफी डे समूह पर कुल 4970 करोड़ रुपये का कर्ज, नियामकीय फाइलिंग में दी जानकारी

कॉफी डे समूह पर कुल 4970 करोड़ रुपये का कर्ज, नियामकीय फाइलिंग में दी जानकारी

Ashutosh Kumar Verma | Updated: 18 Aug 2019, 10:05:12 AM (IST) कॉर्पोरेट

  • कॉफी डे समूह ने शनिवार को बीएसई को नियामकीय फाइलिंग में कुछ कर्ज के बारे में जानकारी दी।
  • 4970 करोड़ रुपये में से 4796 करोड़ रुपय सिक्योर्ड लोन के रूप में।

नई दिल्ली। कॉफी डे समूह ने ने शनिवार को कहा कि उसका बकाया कर्ज 4,970 करोड़ रुपये है जिसमें 4796 करोड़ रुपये का सिक्योर्ड लोन और 174 करोड़ रुपये का अनसिक्योर्ड लोन शामिल है।

कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई की नियामकीय फाइलिंग में कहा, "प्रबंधन अपने कर्ज की स्थिति, अपेक्षित कटौती और चालू विविनेश हस्तांतरण पूरा होने के बाद की स्थिति के संबंध स्पष्ट करने का फैसला लिया है।"

किन-किन कंपनियों पर कितना कर्ज

कुल कर्ज में, कॉफी डे इंटरप्राइजेज लिमिटेड का कर्ज 480 करोड़ रुपये, कॉफी डे ग्लोबल लिमिटेड का 1,097 करोड़ रुपये, वे टु वेल्थ लिमिटेड का 121 करोड़ रुपये, टैंगलिन डेवलपमेंट लिमिटेड का 1,622 करोड़ रुपये, टैंगलिन रिटेल रियलिटी डेवलपमेंट लिमिटेड का 15 करोड़ रुपये, कॉफी डे होटल्स एंड रिसॉट्र्स लिमिटेड का 137 करोड़ रुपये, सिकल लॉजिस्टिक्स लिमिटेड का 1,488 करोड़ रुपये और मैग्नासॉफ्ट कंसल्टिंग इंडिया लिमिटेड का 10 करोड़ रुपये शामिल है।

यह भी पढ़ें - देश के 5 करोड़ किसनों को स्वतंत्रता दिवस पर तोहफा, IFFCO ने 50 रुपये घटाया खाद का दाम

समूह ने अनुषंगी कंपनी बेचने का फैसला लिया

कंपनी सेक्रेटरी सदानंद पुजारी ने फाइलिंग में कहा, "हमारे संस्थापक व चेयरमैन वी जी सिद्धार्थ की 31 जुलाई को मौत हो जाने के बाद मीडिया के एक वर्ग द्वारा हमारे कर्ज को लेकर अटकलें लगाए जाने के आलोक में यह स्पष्टीकरण दिया जा रहा है।"

कंपनी के बोर्ड ने 14 अगस्त को अपनी अनुषंगी कंपनी बेंगलुरू स्थित टैंगलिन डेवलपमेंट लिमिटेड के ग्लोबल विलेज टेक पार्क को अगले 30-45 दिनों में अमेरिकी निजी इक्विटी फर्म ब्लैकस्टोन के साथ 2,600-3,000 करोड़ रुपये में बेचने का फैसला लिया।

यह भी पढ़ें - खादी को 'मेक इन इंडिया' से मिला बूस्ट, कमाई के मामले में हिंदुस्तान यूनीलीवर को भी छोड़ा पीछे

कंपनी ने फाइलिंग में क्या कहा

कंपनी ने फाइलिंग में कहा, " ग्लोबल विलेज की बिक्री से ब्लैकस्टोन से प्राप्त राशि और कानून भुगतान के निष्पादन के बाद समूह का कर्ज कम हो जाएगा।" पुजारी ने कहा कि सिकल कुछ संपत्तियों के विनिवेश पर विचार कर रही है जिससे प्राप्त धन से उसके कर्ज में कमी आएगी।

कंपनी ने अपने कर्जदारों से अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने के लिए समय मांगा है। इस समूह ने 50,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned