चीनी मिलों पर किसानों के 13,000 करोड़ रुपये बकाया, सरकार ने संसद में दी जानकारी

खाद्य व उपभोक्‍ता मामलों के राज्‍यमंत्री डीआर दादाराव ने बताया कि उत्‍तर प्रदेश सरकार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, बजाज हिंदुस्‍तान की 14 मिलों पर सुगर सीजन 2019-20 के लिए किसानों का 5,339 करोड़ रुपये बकाया है।

लखनऊ. केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र के दौरान बताया कि चीनी मिलों ने गन्‍ना सत्र 2019-20 के लिए बकाया 75,585 करोड़ रुपये में से किसानों को 62,591 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। अब 11 सितंबर 2020 तक चीनी मिलों पर गन्‍ना किसानों का सिर्फ 13,000 करोड़ रुपये बकाया है। खाद्य व उपभोक्‍ता मामलों के राज्‍यमंत्री डीआर दादाराव ने लोकसभा में दिए लिखित जवाब में कहा कि अब चीनी मिलों पर किसानों के कुल 12,994 करोड़ रुपये बकाया हैं। बता दें कि गन्‍ना सत्र अक्‍टूबर में शुरू होता है। उन्‍होंने बताया कि उत्‍तर प्रदेश सरकार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, बजाज हिंदुस्‍तान की 14 मिलों पर सुगर सीजन 2019-20 के लिए किसानों का 5,339 करोड़ रुपये बकाया है। इनमें से 2,378 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है यानी कंपनी पर गन्‍ना किसानों का 2,961 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है।

लोकसभा में दिया बयान

राज्‍यमंत्री दादाराव ने कहा कि चीनी मिलों की ओर से गन्‍ना किसानों को भुगतान करने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। हालांकि पिछले सत्र में चीनी के बंपर उत्‍पादन के कारण कीमतों पर काफी बुरा असर पड़ा। इससे चीनी मिलों के सामने नकदी संकट पैदा हो गया था। इससे चीनी मिलों पर किसानों का बकाया बढ़ता चला गया। उन्‍होंने कहा कि चीनी मिलों की माली हालात सुधारकर किसानों के बकाया भुगतान में मदद के लिए केंद्र सरकार ने पिछले तीन चीनी सत्रों के दौरान कई अहम कदम उठाए। चीनी मिलों को निर्यात में मदद की गई। बफर स्‍टॉक के रखरखाव में सरकार ने चीनी मिलों की मदद की। वहीं बकाया भुगतान के लिए चीनी मिलों को बैंकों से लोन दिलाया गया।

नितिन श्रीवास्तव
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned