14 हज़ार निकाय कर्मचारियों को झटका, जाएगी नौकरी

फिलहाल कोर्ट की ओर से निर्णय लेते हुए इस याचिका को स्थगन दे दिया था ।

By: Dikshant Sharma

Published: 10 Feb 2018, 04:58 PM IST

लखनऊ। नगर निकायों और निगमों में नियुक्त 13 से 14 हजार दैनिक वेतनभोगी संविदा कर्मचारियों का हटना तय हो गया है। हाई कोर्ट ने इस आदेश पर अपनी मोहर लगाते हुए कर्मचारियों की यचिकाएं खारिज कर दी हैं। इन कर्मचारियों की तैनाती बसपा सरकार के समय में हुई थी। यह आदेश जस्टिस अजय लांबा की बेंच ने हाई कोर्ट के ही एक निर्णय को आधार मानते हुए पारित किया है।

जो कर्मचारी हाई कोर्ट के 5 नवंबर 2012 के अंतरिम आदेश के सहारे नौकरी निकायों में नौकरी कर रहे थे अब उन कर्मचारियों को सेवाओं से बाहर होना पड़ेगा। हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद निगमों और निकायों में संविदा पर नौकरी कर रहे तकरीबन 14 हज़ार कर्मचारियों का झटका लगा है ।

बसपा सरकार के समय नियुक्त हुए इन कर्मचारियों को सपा सरकार ने 23 जुलाई 2012 के एक शासनादेश के अनुपालन में हटाने का आदेश दे दिया गया था। सपा सरकार के इस आदेश को कर्मचारियों ने हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी। फिलहाल कोर्ट की ओर से निर्णय लेते हुए इस याचिका को स्थगन दे दिया था ।

क्या है तर्क
याचिका को खारिज करने के लिए राज्य सरकार की ओर से इलाहाबाद हाई कोर्ट का 26 मई 2014 का एक निर्णय पेश किया गया। तर्क दिया गया कि कर्मचारियों को हटाने का सरकार का उक्त आदेश सही है। सरकार की ओर से दलील दी गई है कि इन नियुक्तियों के लिए न ही विज्ञापन निकाले गए थे और न ही आवेदन आमंत्रित किए गए थे।

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि याची इस बात को प्रमाणित नहीं कर सके कि इन पदों की रिक्तियां थीं। साथ ही ये भी नहीं दिखा सके कि इन नियुक्तियों के लिए विज्ञापन निकाले गए थे। कोर्ट ने इस आधार पर याचिकाओं को खारिज कर दिया ।

Dikshant Sharma
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