राजस्थान के कोटा में फंसे 8000 छात्रों को वापस लाने के लिए यूपी से रवाना हुईं 200 बसें

- राजस्थान के कोटा में फंसे यूपी के छात्रों को घर वापस लाने के लिए रवाना हुईं 200 बसें

- राजस्थान के सीएम ने की यूपी के सीएम की तारीफ

By: Karishma Lalwani

Published: 18 Apr 2020, 01:28 PM IST

लखनऊ. कोरोना वायरस से बचाव के लिए पूरे देश को तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के जो छात्र राजस्थान के कोटा में फंसे हुए हैं, उन्हें निकालने के लिए यूपी से 200 बसें रवाना की गई हैं। ये बसें कोटा में फंसे राज्य के 8000 छात्रों को लेकर लौटेंगी। सभी बसों को उत्तर प्रदेश से सैनिटाइज कर कोटा भेजा गया है। बसों में स्टूडेंट्स के लिए मास्क और सैनिटाइजर तक भेजे गए हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के इस फैसले की तारीफ की है। अशोक गहलोत ने कहा कि जिस तरह उत्तर प्रदेश सरकार ने कोटा में फंसे छात्रों को घर भेजने के लिए बस का इंतजाम किया, उसी तरह दूसरे राज्य की सरकारों को भी इस तरह की पहल करनी चाहिए।

एक-एक बच्चे की हुई स्क्रीनिंग

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा लॉकडाउन में अपने घर की राह ताक रहे स्टूडेंट्स को उनके घर भेजने के लिए पहल शुरू की, जिसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वीकार किया। करीब 200 की तादाद में बसें राजस्थान के कोटा शहर भेजी गईं। हालांकि, इस दौरान किसी तरह की भगदड़ से बचने के लिए राजस्थान के मख्यमंत्री ने कोटा जिला प्रशासन को सावधानी पूर्वक बच्चों को घर भेजने की बात कही। मुख्यमंत्री गहलोत के निर्देश के मुताबिक कोटा जिला प्रशासन का तमाम अमला और पुलिस प्रशासन स्टूडेंट्स को सकुशल भेजने के लिए जुट गया। कोचिंग संस्थानों के द्वारा जिला प्रशासन को स्टूडेंट्स की सूचियां उत्तर प्रदेश के जिलेवार सौंपी गईं। इस सूची के मुताबिक स्टूडेंट्स को भोजन उपलब्ध करवाते हुए, एक एक बच्चे की स्क्रीनिंग की गई। उन्हें सैनेटाइज करके उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों में सवार करवाया गया।

गौरतलब है कि कोटा में हर साल बड़ी संख्या में छात्र इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन व मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी करने जाते हैं। लॉकडाउन के चलते वहां बिहार, दिल्ली, यूपी समेत कई राज्यों के छात्र फंसे हुए हैं। उनके पास अपने गुजारे के लिए पैसे खत्म हो चुके हैं। खासतौर पर पीजी में रह रहे छात्रों को खाने की बहुत समस्या आ रही है। ऐसे में छात्र लगातार प्रशासन से गुहार लगा रहे कि उन्हें उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

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Karishma Lalwani
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