यूपी में खरीदे जाएंगे 200 वेंटिलेटर और 10-10 लाख के एन-95 मास्क, रेलवे की बोगियों में अलग से बने आइसोलेशन वार्ड

कोराना वायरस संक्रमण के कारण अति गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग 200 वेंटिलेटर खरीदेगा

By: Karishma Lalwani

Published: 29 Mar 2020, 04:23 PM IST

लखनऊ. प्रदेश में कोरोना (Covid-19) संक्रमित लोगों की संख्या में भले ही सुधार हो रहा हो लेकिन देशभर में इसके मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। कोरोना के मरीजों के लिए देशभर में 700 से ज्यादा बेड रिजर्व किए गए हैं। इसके बाद भी सरकारी सुविधाएं कम पड़ रही हैं। कोराना वायरस संक्रमण के कारण अति गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग 200 वेंटिलेटर खरीदेगा। इसके साथ ही 10-10 लाख एन-95 मास्क और पर्सनल प्रोटेक्शन इक्वीपमेंट (पीपीई) किट भी खरीदी जाएंगी।

750 वेंटिलेटर आरक्षित

प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि कोरोना वायरस मरीजों के लिए 750 वेंटिलेटर आरक्षित किए जा चुके हैं। डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों को 20 हजार एन-95 मास्क दिए जा चुके हैं और 50 हजार मास्क रिजर्व में रखे गए हैं। इसी तरह 20 हजार पीपीई किट भी दी जा चुकी है। जिस तरह स्थिति अब भी पूरी तरह कंट्रोल में नहीं है व भविष्य की जरूरतों को आंकलन करते हुए अतिरिक्त आर्डर भी दिया जा चुका है। 24 राजकीय और 27 निजी मेडिकल कॉलेजों को कोविड अस्पताल बनाया गया है। कुल 5026 आइसोलेशन बेड और 6044 क्वारंटीन बेड की व्यवस्था की गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 344 वेंटिलेटर, छह चिकित्सा संस्थानों में 582 वेंटिलेटर पहले से हैं।

ट्रेन की बोगियों में आइसोलेशन वार्ड

भारतीय रेलवे ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए आपातकालीन स्थिति में 15 बोगियों में आइसोलेशन वार्ड बनाए हैं। कैरिज वर्कशॉप में प्रोटोटाइप बन गया है। विपरीत परिस्थितियों में हॉस्पिटल में जगह न मिलने पर रेल डिब्बे आइसोलेशन वार्ड के रूप में इस्तेमाल किए जाएंगे। ट्रेन के प्रत्येक कोच में 10 आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं।अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ये वार्ड 10 दिन में सभी जोन में भेजे जाएंगे। ये वार्ड ट्रायल बेस हैं। जरूरत पड़ने पर और ट्रेनों में आइसोलेशन वार्ड बनाया जा सकता है। इन वार्डों में 415 वोल्ट की विद्युत आपूर्ति भी जरूरत पड़ने पर दी जा रही है।

कोच में ये होगा खास

रोगियों के लिए कैबिन प्रोटोटाइप का निर्माण करने के लिए बीच की बर्थ को कोच के एक तरफ से हटाया गया है। रोगी बर्थ के सामने की बर्थ को हटाया गया है। बर्थ पर चढ़ने के लिए सभी सीढ़ी को भी हटा दिया गया है। बाथरूम, गलियारे क्षेत्रों में भी कोच में परिवर्तन किया गया है।

अलग होगा रोगी के लिए बना शौचालय

कोच में टॉयलेट पैन और फर्श को लगाकर बाथरूम को दो शौचालय में बदला गया है। हर एक बाथरूम में हैंड शॉवर, एक बाल्टी और एक मग रखा होगा। डिब्बे के अलगाव के लिए गलियारे की तरफ से बोर्ड का विभाजन किया गया है। हर डिब्बे में चार नॉस बोतल होल्ड होगा। चिकित्सा उपकरणों के लिए प्रत्येक डिब्बे में 220 वोल्ट के उपकरण लगाए गए हैं। प्रत्येक डिब्बे में हवा के लिए पर्दे लगाए गए हैं। डाक्टरों और नर्सों के लिए अलग से केबिन बनाए गए हैं। रोगियों को हटाने के लिए मध्य और किनारे बर्थ बनाई गई हैं।

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